आफत शायरी – Aafat Shayari in Hindi

Aafat Shayari In Hindi

उस पर ही भेजता है वो आफ़त भी मौत भी,
शायद उसे ग़रीब का बच्चा है ना-पसंद

मौत से क्या डर मिनटों का खेल है,
आफत तो ज़िन्दगी है जो बरसो चला करती है

धड़कन सम्भालू या साँस काबू में करूँ,
तुझे जी भर के देखने में आफत बहुत है

बला है क़हर है आफ़त है फ़ित्ना है क़यामत है,
हसीनों की जवानी को जवानी कौन कहता है