Aag Shayari आग शायरी हिंदी में (2022-23)

Aag Shayari In Hindi | आग शायरी हिंदी में

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Aag Shayari

आग है बिजली आग हैं जर्रे आग है सूरज आग हैं तारे
हम ने न की थी शोख निगाही आप ने क्यों आलम को जलाया

बदन की आग को कहते हैं लोग झूटी आग
मगर उस आग ने दिल को मिरे गुदाज किया

मैं आग देखता था आग से जुदा कर के
बला का रंग था रंगीनी ए कबा से उधर

आग थे इब्तिदा ए इश्क में हम
अब जो हैं खाक इंतिहा है ये

आग इस दिल लगी को लग जाए
दिल लगी आग फिर लगाने लगी

दहकी है आग दिल में पड़े इश्तियाक की
तेरे सिवाए किस से हो इस का इलाज आज

हर अश्क ए सुर्ख है दामान ए शब में आग का फूल
बगैर शम्अ के भी जल रहे हैं परवाने

अपनी आग को जिंदा रखना कितना मुश्किल है
पत्थर बीच आईना रखना कितना मुश्किल है

लग गई आग आतिश ए रुख से नकाब ए यार में
देख लो जलता है कोना चादर ए महताब का

गर आग मय कशों की सजा है तो या खुदा
दोजख में एक नहर बहा दे शराब की

इक आग हमारी मुंतजिर है
इक आग से हम निकल रहे हैं

खुद आग दे के अपने नशेमन को आप ही
बिजली से इंतिकाम लिया है कभी कभी

बुझी नहीं मिरे आतिश कदे की आग अभी
उठा नहीं है बदन से धुआँ कहाँ गया मैं

आग दरिया को इशारों से लगाने वाला
अब के रूठा है बहुत मुझ को मनाने वाला

सर्द आहों से दिल की आग बुझा
गर्म अश्कों से जाम भरता जा

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