अभिमान शायरी – Abhimaan Shayari in Hindi

अपने ज्ञान का अभिमान तो होता हे
हर किसी को
मगर अपने अभिमान का ज्ञान नहीं होता हे।

खुद पर ए इंसान कभी मत
करना अभिमान
तेरे और मेरे जैसे कितनो को ईश्वर ने
माटी से बनाकर माटी में मिला दिया।

मुझे किसी की जरूरत नहीं पड़ेंगी
ये अभिमान नहीं होना चाहिए
और यह वहम भी नहीं होना चाहिए की
सबको मेरी जरूरत पड़ेंगी।

अभिमान मत करना अपनी हैसियत का कभी
उड़ान जमीन पर शुरू और जमीन पर
ही ख़त्म होती हे।

मेरा प्यारा अभिमान हो तुम
मेरी पत्नी मेरी जान हो तुम
तुम्हारे बिना अधूरा हु में
क्युकी मेरा पूरा संसार हो तुम।

वही लोग तेरा गुणगान करेंगे जो
आज तुज पर हस रहे हे
कर के दिखा दे कोई कमाल तो
तुज पर सब अभिमान करेंगे।

महान व्यक्ति को भी अभिमान की
ताकत शैतान बना देती हे
और नम्रता साधारण व्यक्ति को भी
महान बना देती हे।