Ahsan Shayari अहसान शायरी हिंदी में (2022-23)

Ahsan Shayari In Hindi | एहसान शायरी हिंदी में

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Ahsan Shayari अहसान शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Ahsan Shayari
इश्क रुस्वा कुन ए आलम वो है अहसन जिस से
नेक नामों की भी बद नामी ओ रुस्वाई है

ब नाम ए इश्क इक एहसान सा अभी तक है
वो सादा लौह हमें चाहता अभी तक है

उस्ताद के एहसान का कर शुक्र मुनीर आज
की अहल ए सुखन ने तिरी तारीफ बड़ी बात

Ahsan Shayari अहसान शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

एहसान जिंदगी पे किए जा रहे हैं हम
मन तो नहीं है फिर भी जिए जा रहे हैं हम

Ahsan Shayari अहसान शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

ऐ मिशअल ए उम्मीद ये एहसान कम नहीं
तारीक शब को तू ने दरख्शाँ बना दिया

लोगों का एहसान है मुझ पर और तिरा मैं शुक्र गुजार
तीर ए नजर से तुम ने मारा लाश उठाई लोगों ने

ले कजा एहसान तुझ पर कर चले
हम तिरे आने से पहले मर चले

हम और उठाएँगे एहसान जाँ नवाजी के
हमें तो साँस भी लेना गिराँ गुजरता है

तबीबों का एहसान क्यूँ कर न मानूँ
मुझे मार डाला दवा करते करते

एहसान खाक ए सहरा पे मजनूँ का है बहुत
वर्ना फलक पे उस का पहुँचना मुहाल था

दोस्तो टाँके न दो एहसान टुक इतना करो
ले चलो मुझ को वहीं तुम मैं जहाँ टुकड़े हुआ

सर पे एहसान रहा बे सर ओ सामानी का
खार ए सहरा से न उलझा कभी दामन अपना

गुर्बत का एहसान था हम पर
इक थाली में खा सकते थे

तलातुम का एहसान क्यूँ हम उठाएँ
हमें डूबने को किनारा बहुत है

तुम ने एहसान किया है कि नमक छिड़का है
अब मुझे जख्म ए जिगर और मजा देते हैं

सोने वालों को जगाना तो है आसान मगर
जागने वालों को किस तरह जगाया जाए

जिंदगी बीत गई गिनते हुए तारीखें
खा गई वक्त की दीवार कैलेंडर कितने

सच है एहसान का भी बोझ बहुत होता है
चार फूलों से दबी जाती है तुर्बत मेरी

तेरी जुल्फें तिरे आरिज तिरी आँखें तिरे लब
मैं जमींदार हूँ ये सब मिरी जागीरें हैं

ये बात मुंसिफों में अभी जेर ए गौर है
पत्थर को मैं लगा हूँ कि पत्थर लगा मुझे