Akele Shayari अकेले शायरी हिंदी में (2022-23)

Akele Shayari In Hindi | अकेले शायरी हिंदी में

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Akele Shayari अकेले शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Akele Shayari

भीड़ में जमाने की हम सदा अकेले थे
वो भी दूर है कितना जो रग ए गुलू में है

मिरे दिल के अकेले घर में राहत
उदासी जाने कब से रह रही है

Akele Shayari अकेले शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

कोई कर्या कोई दयार हो कहीं हम अकेले नहीं रहे
तिरी जुस्तुजू में जहाँ गए वहीं साथ दर बदरी रही

Akele Shayari अकेले शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

अकेले घर में भरी दोपहर का सन्नाटा
वही सुकून वही उम्र भर का सन्नाटा

मैं अपनी खुशियाँ अकेले मनाया करता हूँ
यही वो गम है जो तुझ से छुपा हुआ है मिरा

अकेले घर से पूछती है बे कसी
तिरा दिया जलाने वाले क्या हुए

गम है आवारा अकेले में भटक जाता है
जिस जगह रहिए वहाँ मिलते मिलाते रहिए

अगर यूँही मुझे रक्खा गया अकेले में
बरामद और कोई इस मकान से होगा

तुम अकेले में मिले ही नहीं वर्ना तुम को
और ही तरह के इक शख्स से मिलवाता मैं

बहुत कहा था कि तुम अकेले न रह सकोगे
बहुत कहा था कि हम को यूँ दर ब दर न करना

रहते काबे में अकेले क्या हम
दिल लगाने को सनम भी तो न थे

घर लौट के रोएँगे माँ बाप अकेले में
मिट्टी के खिलौने भी सस्ते न थे मेले में

हम तो बचपन में भी अकेले थे
सिर्फ दिल की गली में खेले थे

जीने का अकेले तो तसव्वुर भी नहीं है
हम तुझ से जुदा होंगे तो मर जाएँगे तन्हा

तमाम उम्र अकेले में तुझ से बातें कीं
तमाम उम्र तिरे रू ब रू खमोश रहे

अकेले पार उतर के बहुत है रंज मुझे
मैं उस का बोझ उठा कर भी तैर सकता था

दिन को दफ्तर में अकेला शब भरे घर में अकेला
मैं कि अक्स ए मुंतशिर एक एक मंजर में अकेला

शिकस्ता दिल अँधेरी शब अकेला राहबर क्यूँ हो
न हो जब हम सफर कोई तो अपना भी सफर क्यूँ हो

आवाज दे रहा है अकेला खुदा मुझे
मैं उस को सुन रहा हूँ हवाओं के कान से

जुदा थी बाम से दीवार दर अकेला था
मकीं थे खुद में मगन और घर अकेला था