Alone Shayari | अलोन शायरी बेस्ट 362+

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Alone Shayari In Hindi (हिंदी में अलोन शायरी)

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alone shayari

बेंइंतिहा मुस्किल नम सन्नाटे उगाये है,
हमने तन्हाईयों को कभी जाया नही किया

 

कुछ अधूरापन था जो पूरा हुआ
ही नहीं,
कोई था मेरा जो कभी मेरा हुआ
ही नहीं

 

ज़िन्दगी यु हुई बसर तनहा ,
काफिला साथ और सफर तनहा।
अपने साये से चौक जाते है ,
उम्र गुजारी है इस कदर तन्हा।

 

ज़िंदगी के ज़हर को य है के पी रहे है ,
तेरे प्यार बिना यु ही ज़िन्दगी जी रहे है।
अकेलेपन से तो अब डर नहीं लगता हमे ,
तेरे जाने के बाद यु ही तनहा जी रहे है।

 

बिन तेरे मेरी हर खुशी अधूरी है,
फिर सोच तू मेरे लिए कितनी जरूरी है

 

शाम-ए-फिराक ज़ख्म-ए-जिगर और ये ग़ज़ल ,
यादे तुम्हारी दीदा-ए-तर और ये ग़ज़ल।
जी चाहने लगा है करू फिर से तेरे नाम ,
एक शाम और एक शेर और ये ग़ज़ल।

 

कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हजारो लोग हैं मगर कोई उस जैसा नहीं है

 

वो सिलसिले वो शौक वो ग़ुरबत ना रही ,
फिर यु हुआ के दर्द में शिद्दत ना रही।
अपनी ज़िन्दगी में हो गए मशरूफ वो इतना ,
की हम को याद करने की फुर्सत न रही।

 

अक्सर अकेलेपन से वही गुजरता है,
जो जिंदगी में सही फसलों को चुनता है

 

उतना हसीं फिर कोई लान्हा नहीं मिला ,
तेरे जाने के बाद कोई भी तुझ सा नहीं मिला।
सोचा करू मैं एक दिन खुद से ही गुफ्तगू ,
लेकिन कभी मैं खुद को तनहा नहीं मिला।