Andhera Shayari अंधेरा शायरी हिंदी में (2022-23)

Andhera Shayari In Hindi | अंधेरा शायरी हिंदी में

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Andhera Shayari अंधेरा शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Andhera Shayari
चेहरों पे जर पोश अंधेरे फैले हैं
अब जीने के ढंग बड़े ही महँगे हैं

रह रह के कौंदती हैं अंधेरे में बिजलियाँ
तुम याद कर रहे हो कि याद आ रहे हो तुम

नूर ए बदन से फैली अंधेरे में चाँदनी
कपड़े जो उस ने शब को उतारे पलंग पर

Andhera Shayari अंधेरा शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

आप नूर अफशाँ हैं रात के अँधेरे में
या सितारे रक्साँ हैं रात के अँधेरे में

Andhera Shayari अंधेरा शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

ता कि न निगाहों को अंधेरे नजर आएँ
आईना उजालों ने ये चमकाया हुआ है

खुद चराग बन के जल वक्त के अंधेरे में
भीक के उजालों से रौशनी नहीं होती

अंधेरे में तजस्सुस का तकाजा छोड़ जाना है
किसी दिन खामुशी में खुद को तन्हा छोड़ जाना है

इस अँधेरे में चराग ए ख्वाब की ख्वाहिश नहीं
ये भी क्या कम है कि थोड़ी देर सो जाता हूँ मैं

बे तुकी रौशनी में पराए अंधेरे लिए
एक मंजर है तेरे लिए एक मेरे लिए

मेरी रातें भी सियह दिन भी अँधेरे मेरे
रंग ये मेरे मुकद्दर में कहाँ से आया

इस जश्न ए चरागाँ से तो बेहतर थे अँधेरे
इन झूटे चरागों को बुझा क्यूँ नहीं देते

शहर के अंधेरे को इक चराग काफी है
सौ चराग जलते हैं इक चराग जलने से

देख लेते हैं अंधेरे में भी रस्ता अपना
शम्अ एहसास के मानिंद जली रहती है

कुछ अँधेरे हैं अभी राह में हाइल अख्तर
अपनी मंजिल पे नजर आएगा इंसाँ इक रोज

इस अँधेरे में जलते चाँद चराग
रखते किस किस का वो भरम होंगे

बस अंधेरे ने रंग बदला है
दिन नहीं है सफेद रात है ये

जिधर से खोल के बैठे थे दर अंधेरे का
उसी तरफ से हमें रौशनी बहुत आई

मैं अंधेरे में हूँ मगर मुझ में
रौशनी ने जगह बना ली है

इस अँधेरे में तो ठोकर ही उजाला देगी
रात जंगल में कोई शम्अ जलाने से रही

इसी बाइस मैं अपना निस्फ रखता हूँ अँधेरे में
मिरे अतराफ भी सूरज कोई गर्दिश में रहता है