Badal Shayari

बादल शायरी – Badal Shayari in Hindi

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Badal Shayari In Hindi 2 Line (हिंदी में बादल शायरी 4 Line)

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आज फ़िर लड़ाई हो गई हैं बादल से,
आज फ़िर बारिश जमीं पर आ गई…

 

दूर तक फैला हुआ पानी ही पानी हर तरफ़
अब के बादल ने बहुत की मेहरबानी हर तरफ़

 

जो कभी बादलों के गरजने पर लिपट जाया करती थी मुझसे,
वो आज बादलों से भी ज़्यादा गरजती है ।

 

जब ना होती है तुमसे बात तो डरावने से लगते हैं
ये काले ‘ बादल ‘ और ये गुमसुम सी रात।

 

ये आँखें हैं,कोई बादल थोड़ी है…
ये बंदा इश्क़ में है,कोई पागल थोड़ी है…
और मरहम ले आये हो तुम,यूँ हिज़्र के बाद…
अरे यहाँ कोई घायल थोड़ी है…

 

एक बादल से आस थी प्यास बुझाने की ,
ये बेवफा हवाये उसे भी दूर ले उड़ी

 

बहुत कुछ सीखना अब भी बाकी है ,
ज़िंदगी के और इम्तिहान अभी बाकी है।
ये जो हासिल हुआ मुकाम तो फ़क़त बादल है,
अभी जीतने को पूरा आसमान बाकी है।

 

आसमान में टूटे बादलों के जैसे बिछड़ गए हो,
कहीं धूप तो कहीं बारिश जैसे बिखर गए हो।

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