Badalna Shayari बदलना शायरी हिंदी में (2022-23)

Badalna Shayari In Hindi | बदलना शायरी हिंदी में

Badalna Shayari In Hindi (बदलना शायरी हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Badalna Shayari In Hindi | बदलना शायरी हिंदी में  Badalna Shayari In Hindi (बदलना शायरी हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Badalna Shayari
निजाम ए मय कदा साकी बदलने की जरूरत है
हजारों हैं सफें जिन में न मय आई न जाम आया

मंजर को किसी तरह बदलने की दुआ दे
दे रात की ठंडक को पिघलने की दुआ दे

बुरी सरिश्त न बदली जगह बदलने से
चमन में आ के भी काँटा गुलाब हो न सका

जबान अपनी बदलने पे कोई राजी नहीं
वही जवाब है उस का वही सवाल मिरा

जगह बदलने से हैअत कहाँ बदलती है
जो आइना है सदा आइना रहेगा वो

सिर्फ मौसम के बदलने ही पे मौकूफ नहीं
दर्द भी सूरत ए हालात बता देता है

कहीं फितरत बदल सकती है नामों के बदलने से
जनाब ए शैख को मैं बरहमन कह दूँ तो क्या होगा

किराया दार बदलना तो उस का शेवा था
निकाल कर वो बहुत खुश हुआ मकाँ से मुझे

जो चाहते हो बदलना मिजाज ए तूफाँ को
तो नाखुदा पे भरोसा करो खुदा की तरह

आईन ए इश्क यूँ भी बदलना था एक दिन
जो बात वस्ल से थी वो अब गुफ्तुगू से है

हम ने देखा है जमाने का बदलना लेकिन
उन के बदले हुए तेवर नहीं देखे जाते

अपने चेहरे को बदलना तो बहुत मुश्किल है
दिल बहल जाएगा आईना बदल कर देखो

वक्त के साथ बदलना तो बहुत आसाँ था
मुझ से हर वक्त मुखातिब रही गैरत मेरी

जी में आता है कि दुनिया को बदलना चाहिए
और अपने आप से मायूस हो जाता हूँ मैं

तुम्हारा क्या तुम्हें आसाँ बहुत रस्ते बदलना है
हमें हर एक मौसम काफिले के साथ चलना है

किसी को साल ए नौ की क्या मुबारकबाद दी जाए
कैलन्डर के बदलने से मुकद्दर कब बदलता है

किस नाज से कहते हैं वो झुँझला के शब ए वस्ल
तुम तो हमें करवट भी बदलने नहीं देते

मआल ए इज्जत ए सादात ए इश्क देख के हम
बदल गए तो बदलने पे इतनी हैरत क्या

बात वो कहिए कि जिस बात के सौ पहलू हों
कोई पहलू तो रहे बात बदलने के लिए