Badnaam Shayari बदनाम शायरी हिंदी में (2022-23)

Badnaam Shayari In Hindi | बदनाम शायरी हिंदी में

Badnaam Shayari In Hindi (बदनाम शायरी हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Badnaam Shayari In Hindi | बदनाम शायरी हिंदी में  Badnaam Shayari In Hindi (बदनाम शायरी हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Badnaam Shayari

इश्क का जौक ए नजारा मुफ्त में बदनाम है
हुस्न खुद बे ताब है जल्वा दिखाने के लिए

मर्ग ए आशिक पे फरिश्ता मौत का बदनाम था
वो हँसी रोके हुए बैठा था जिस का काम था

तुझ को शिकवा है कि उश्शाक ने बदनाम किया
सच तो ये है कि तिरा हुस्न है दुश्मन तेरा

जहाँ में हो गई ना हक तिरी जफा बदनाम
कुछ अहल ए शौक को दार ओ रसन से प्यार भी है

किया बदनाम इक आलम ने गमगीं पाक बाजी में
जो मैं तेरी तरह से बद नजर होता तो क्या होता

फरिश्ते को मिरे नाले यूँही बदनाम करते हैं
मिरे आमाल लिखती हैं मिरी किस्मत की तहरीरें

उसी के जिक्र से हम शहर में हुए बदनाम
वो एक शख्स कि जिस से हमारी बोल न चाल

मत करो शम्अ कूँ बदनाम जलाती वो नहीं
आप सीं शौक पतंगों को है जल जाने का

मशहूर भी हैं बदनाम भी हैं खुशियों के नए पैगाम भी हैं
कुछ गम के बड़े इनआ म भी हैं पढ़िए तो कहानी काम की है

जिन की खातिर शहर भी छोड़ा जिन के लिए बदनाम हुए
आज वही हम से बेगाने बेगाने से रहते हैं

दिए बुझे तो हवा को किया गया बदनाम
कुसूर हम ने किया एहतिसाब उस का था

सर फोड़ के मर जाएँगे बदनाम करेंगे
जिस काम से डरते हो वही काम करेंगे

बुत परस्ती में न होगा कोई मुझ सा बदनाम
झेंपता हूँ जो कहीं जिक्र ए खुदा होता है

तू जफाओं से जो बदनाम किए जाता है
याद आएगी तुझे मेरी वफा मेरे बाद

हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम
वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता

वैसे तो सभी ने मुझे बदनाम किया है
तू भी कोई इल्जाम लगाने के लिए आ

एक जरा सी भूल पे हम को इतना तू बदनाम न कर
हम ने अपने घाव छुपा कर तेरे काज सँवारे हैं

क्या गम है जो हम गुमनाम रहे तुम तो न मगर बदनाम हुए
अच्छा है कि मेरे मरने पर दुनिया में मिरा मातम न हुआ

मिलें किसी से तो बद नाम हों जमाने में
अभी गए हैं वो मुझ को सुना के पर्दे में

खैर बदनाम तो पहले भी बहुत थे लेकिन
तुझ से मिलना था कि पर लग गए रुस्वाई को