Barish Shayari | बारिश शायरी हिंदी में 504+

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Barish Shayari

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Barish Shayari In Hindi 2 Line (हिंदी में बारिश शायरी 4 Line)

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तुम्हें बारिश पसंद है मुझे बारिश में तुम,
तुम्हें हँसना पसंद है मुझे हस्ती हुए तुम,
तुम्हें बोलना पसंद है मुझे बोलते हुए तुम,
तुम्हें सब कुछ पसंद है और मुझे बस तुम।

 

ये बारिशें भी कम जालिम नहीं “यादों की बौछार” तुम्हारी,
और इंतज़ार में जज़्बात मेरे सीलन खाते हैं।

 

अबके बारिश में तो ये कार-ए-ज़ियाँ होना ही था,
अपनी कच्ची बस्तियों को बे-निशाँ होना ही था।

 

खुद भी रोता है मुझे भी रुला के जाता है,
ये बारिश का मौसम उसकी याद दिला के जाता है।

 

आज फिर मौसम नम हुआ मेरी आँखों की तरह,
शायद बादलो का भी दिल किसी ने तोड़ा होगा।

 

खुद भी रोता है मुझे भी रुला देता है,
ये बारिश का मौसम उसकी याद दिला देता है।

 

रहने दो कि अब तुम भी मुझे पढ़ न सकोगे,
बरसात में काग़ज़ की तरह भीग गया हूँ मैं।

 

वो मेरे रु-बा-रु आया भी तो बरसात के मौसम में,
मेरे आँसू बह रहे थे और वो बरसात समझ बैठा।

 

आज मौसम कितना खुश गंवार हो गया,
खत्म सभी का इंतज़ार हो गया,
बारिश की बूंदे गिरी कुछ इस तरह से,
लगा जैसे आसमान को ज़मीन से प्यार हो गया।

 

वो मेरे रु-बा-रु आया भी तो बरसात के मौसम में,
मेरे आँसू बह रहे थे और वो बरसात समझ बैठा।

 

ये मौसम भी कितना प्यारा है,
करती ये हवाएं कुछ इशारा है,
जरा समझो इनके जज्बातों को,
ये कह रही हैं किसी ने दिल से पुकारा है।

 

यही एक फर्क है तेरे और मेरे शहर की बारिश में
तेरे यहाँ ‘जाम’ लगता है, मेरे यहाँ ‘जाम’ लगते हैं।

 

तेरे ख्यालों में चलते चलते कहीं फिसल न जाऊं मैं,
अपनी यादों को रोक ले के शहर में बारिश का मौसम है।

 

बारिश में चलने से एक बात याद आती है,
फिसलने के डर से वो मेरा हाथ थाम लेता था।

 

मत पूछो कितनी मोहब्बत है
मुझे उनसे,
बारिश की बूँद भी अगर उन्हें छू जाती है,
तो दिल में आग लग जाती है।

 

इन बादलों का मिज़ाज भी…
मेरे महबूब जैसा है,
कभी टूट के बरसता है,
कभी बेरुखी से गुजर जाता है।