Berukhi Shayari | 494+ बेरुखी शायरी

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Berukhi Shayari

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Berukhi Shayari In Hindi (हिंदी में बेरुखी शायरी)

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कहाँ तलाश करोगे तुम दिल हम जैसा
जो तुम्हारी बेरुखी भी सहे और प्यार भी करे!

 

इतनी बेरुखी दिखा कर के तुझे क्या मिलेगा
क्या तू रब है जो मरने के बाद मिलेगा !

 

निगाहें बेरुखी हैं और तीखे हैं लफ्ज़ ये कैसी मोहब्बत हैं जो तुम मुझसे करते हो !!

 

तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी
और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गयी हूँ !!

 

चाहते थे हम आपके अल्फाज बनना..
पर आपने तो हमारी बेरुखी चुन ली !

 

जब-जब मुझे लगा मैं तेरे लिए खास हूँ
तेरी बेरुखी ने ये समझा दिया
मैं झूठी आस में हूँ !

 

हमारी बेरुखी अब इस कदर बढ़ गई है
तुमसे बात तो मुमकिन है
पर हम कोशिश नहीं करना चाहते !

 

तेरी बेरुखी ने छीन ली है
शरारतें मेरी और लोग समझते हैं
कि मैं सुधर गया हूँ !

 

कुछ बेरुखी से ही सही पर देखते तो हो
ये आपकी नफरत है कि एहसान आपका !!

 

तूँ माने या ना माने पर दिल दुखा तो है
तेरी बेरुखी से कुछ गलत हुआ तो है !

 

भरी सख्ती मिजाज़ों में नहीं पैदायशी
हैं हम किसी की बेरूखी झेली पिघल के फिर जमे हैं हम !

 

तेरी ये बेरूखी किस काम की रह जायेगी
आ गया जिस रोज अपने दिल को समझाना मुझे !

 

इस क़दर जले है तुम्हारी बेरुख़ी से,
के अब आग से भी सुकून सा मिलने लगा है !!

 

तुम्हारी बेरूखी ने लाज रख ली
बादाखाने की, तुम आंखों से पिला
देते तो पैमाने कहाँ जाते।