बॉयज एटीट्यूड शायरी | Boys Attitude Shayari

Boys Attitude Shayari | बॉयज एटीट्यूड शायरी

Boys Attitude Shayari 👍 Attitude Shayari For Boys
Boys Attitude Shayari in Hindi – बॉइज एटीट्यूड शायरी इन हिंदी
रहते हैं आस पास ही लेकिन साथ नहीं होते,
कुछ लोग जलते हैं मुझसे बस खाक नहीं होते…!Boys Attitude Shayari

मुक़ाम वो चाहिए कि जिस दिन हारु,
जीतने वाले से ज़्यादा चर्चे मेरी हार के हों…!

जो बेहतर होते हैं उन्हें इनाम मिलता है,
जो बेहतरीन होते हैं उनके नाम पर इनाम होता है…!

इसी बात से मेरी शोहरत का अंदाज़ा लगा लेना,
मुझे वो सलाम करते हैं जिन्हें तुम सलाम करते हो…!

तुम सिखाओ अपने दोस्तों को हथियार चलाना,
हमारे दोस्त तो पहले से ही बारूद है…!

माना की औरो के मुकाबले कुछ ज्यादा पाया नहीं मैंने,
पर खुश हूँ की खुद को गिरा के कुछ उठाया नहीं मैंने…!

रेगिस्तान भी हरे हो जाते है,
जब अपने साथ अपने भाई खड़े हो जाते है…!

वैसे दुश्मनी तो हम कुत्ते से भी नहीं करते है,
पर बीच में आ जाये तो शेर को भी नहीं छोड़ते…!

तमन्ना तेरे जिस्म की होती तो छीन लेते दुनिया से,
मोहब्बत तेरी रूह से की इसलिए मांगते हैं खुदा से…!

फर्क नहीं पड़ता मुझे कि दुनिया क्या कहती है,
मैं अच्छा हूँ बहुत ये मेरी माँ कहती है…!

हमारे जीने का तरीका थोड़ा अलग है,
हम उम्मीदों पर नहीं अपनी जिद पर जीते है…!

ख़ुदा सलामत रखे उन आँखों को
जिनमे आजकल हम चुभते बहुत हैं…!

किसी की क्या मजाल थी जो खरीद सकता हमको,
वो तो हम ही बिक गए खरीदार देख कर…!

सही वक़्त पर करवा देंगे हदों को अहसास,
कुछ तालाब खुद को समन्दर समझ बैठे हैं…!

Attitude जो कल था वो आज है,
जिंदगी ऐसे जियों जैसे बाप का राज है…!

बहुत से आए थे हमें गिराने,
कुछ ना कर पाए बीत गए ज़माने…!

हमारी शराफत का फायदा उठाना बंद कर दो,
जिस दिन हम बदमाश हो गए,कयामत आ जाएगी…!

उस चाँद को बहुत गुरुर है, कि उसके पास नूर है,
मगर वो क्या जाने की मेरा हर दोस्त कोहिनूर है…!

दुश्मन बने दुनिया तो इतना याद रखना मेरे दोस्त,
तेरा यार जिन्दा है तो तेरा हथियार जिन्दा है…!

तुम जलते रहोगे आग की तरह,
और हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह…!

सही वक्त पर करवा देंगे हदों का अहसास,
कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं…!

ताक़त अपने लफ़्ज़ों में डालो,आवाज़ में नहीं,
क्यूंकि फ़सल बारिश से होती है, बाढ़ से नहीं…!

जब महसूस हो सारा शहर तुमसे जलने लगा,
समझ लेना तुम्हारा नाम चलने लगा…!

वाक़िफ़ कहाँ दुश्मन, अब हमारी उड़ान से,
वो कोई और थे, जो हार गए तूफान से…!

अपना तो एक ही तरीका है यारो,
मांगों उसी से जो दे ख़ुशी से,
और जो न दे ख़ुशी से तो
छीन लो उसी से…!

इंसानियत तो हमने ब्लड बैंक से सीखी हैं साहब,
जहां बोतलों पर मजहब नहीं लिखा जाता…!

अक्सर जल जाते हैं मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मन,
क्योंकि एक मुद्दत से मैंने न दोस्त बदले न मोहब्बत…!

हमारी अफवाह के धुंए वही से उठते है,
जहाँ हमारे नाम से आग लग जाती है…!

लोग वाकिफ है मेरी आदतो से,
रूतबा कम ही सही पर लाजवाब रखता हूँ…!

अगर हमसे मिलना हो तो गहरे पानी मे आना,
बेशकीमती ख़ज़ाने कभी किनारे पर नहीं मिला करते…!

नया नया है तू बेटे,
मैंने खेल पुराने खेले है,
जिन लोगों के दम पर उछलता है तू,
मेरे पुराने वो चेले है…!

अजीब सा ख़ौफ़ था उस शेर की आँखों में,
जिसने जंगल में हमारे जूतों के निशान देखे थे…!

चर्चाए ख़ास हो तो किस्से भी जरुर होते है,
उँगलियाँ भी उनपर ही उठती है जो मशहूर होते है…!

इश्क़ की पतंगे उड़ाना छोड़ दी हमने वरना,
हर हसीना की छत पर हमारे ही धागे हुआ करते थे…!

जो मेरे मुकद्दर में है वो खुद चल कर आएगा,
जो नहीं है उसे अपना खौफ लाएगा…!

तुझे शिकायत है, कि मुझे बदल दिया है वक़्त ने,
कभी खुद से भी तो सवाल कर, क्या तू वही है…!

इतना अमीर नहीं हूँ कि सब कुछ खरीद लूँ,
लेकिन इतना गरीब भी नहीं हूँ कि खुद बिक जाऊं…!

किसी के पैरो मे गिरकर क़ामयाबी पाने से अच्छा है,
अपने पैरो पर चलकर कुछ बनने की ठान लों…!

अपनी कमजोरी का जिक्र कभी ना करना,
क्यूंकि लोग कटी पतंग को जमके लूटते है…!

हम न बदलेंगे वक़्त की रफ़्तार के साथ,
जब भी मिलेंगे अंदाज़ पुराना ही होगा…!

अक्सर औकात की बात वहीं किया करते है,
जो कायर हमेशा झुंड में चला करते हैं…!

जीत हासिल करनी हो तो क़ाबिलियत बढ़ाओ,
क़िस्मत की रोटी तो कुत्तों को भी मिला करती है…!

मारूंगा 10, गिनूंगा एक,️
यकीन नहीं आता तो ऊँगली करके देख…!

जितना बदल सकते थे, ख़ुद को बदल लिया,
अब जिसको शिकायत है वो अपना रास्ता बदले…!

बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना,
जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता…!

डूब जाए आसानी से मैं वो कश्ती नहीं,
मिटा सको तुम मुझे ये बात तुम्हारे बस की नहीं…!

मत लो मेरे सब्र के बाँध का इम्तेहान,
जब जब ये टूटा है तूफ़ान ही आया है…!

जिनमें अकेले चलने का हौसला होता है,
उनके पीछे एक दिन क़ाफ़िला होता है…!

जानता हूँ मैं कहाँ तक है उड़ान इनकी,
आखिर मेरे ही हाथ से निकले परिंदें है ये…!

शरीफ है हम किसी से लड़ते नहीं
पर जमाना जानता है,
किसी के बाप से डरते नहीं !

 

तेरा घमंड ही तुझे हरायेगा मैं क्‍या हूँ
ये तुझे वक्‍त बताएगा!

 

मुझे मत देखो हजारो में,
हम बिका नहीं करते बजारो में!

 

एक बार वक्‍त को बदलने दो
तुने सिर्फ बाजी पलटी है,
मैं जिंदगी ही पलट दुँगा !

 

Attitude का अंदाजा यही से लगा लो
तुम प्‍लेयर बनना चाहते हो और
मैं Game चेंजर !

 

सही को सही और गलत को गलत
कहने की हिम्‍मत रखता हूँ
इसलिए आजकल रिश्‍ते कम रखता हूँ!

 

भाड़ में जाए लोग और लोगो की बातें,
हम तो वैसे ही जिएंगे
जैसे हम जीना चाहते है!

 

मैने खेल हमेशा
खुद के दम पर खेले है
इसलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है!

 

लोग डुबाने के तरीके खोजते रह गए
और मैं ”तैरना” सिख गया!

 

हमारे कारनामे देखो
हैसियत समझ जाओगे अपनी!

 

इश्‍क और हमारा ताल्लुक हुआ ही नहीं
क्‍योंकि इश्‍क गुलामी चाहता है
और हम आजादी!

 

हम अपनी इस अकड़ पर
थोड़ा गरुर करते है
किसी से प्‍यार हो जाए ना, नफरत भरपूर करते है।