Chand Shayari | 231+ चांद शायरी

Chand Shayari 👍 Chand Shayari in Hindi
Chand Shayari in Hindi – चांद शायरी इन हिंदी

Chand Shayari

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ऐ काश हमारी क़िस्मत में ऐसी भी कोई शाम आ जाए,
एक चाँद फ़लक पर निकला हो एक छत पर आ जाए।

 

आज टूटेगा गुरूर चाँद का तुम देखना यारो,
आज मैंने उन्हें छत पर बुला रखा है

 

चाँद भी हैरान… दरिया भी परेशानी में है,
अक्स किस का है ये इतनी रौशनी पानी में है

 

कितना हसीन चाँद सा चेहरा है,
उसपे शबाब का रंग गहरा है,
खुदा को यकीन न था वफ़ा पे,
तभी चाँद पे तारों का पहरा है।

 

बेसबब मुस्कुरा रहा है चाँद
कोई साजिश छुपा रहा है चाँद

आज भीगी हें पलके तुम्हारी याद में,
आकाश भी सिमट गया अपने आप में,
औंस की बूँद ऐसे गिरी ज़मीन पर,
मानो चाँद भी रोया हो तेरी की याद मे।

वैसे तो कई दोस्त है हमारे,
जैसे आसमान में है कई तारे,
पर आप दोस्ती के आसमान के वो चाँद है,
जिसके सामने फीके पड़ते हैं सारे सितारे।

चाँद की तरह ही खिले तेरी मुस्कान,
तारो की तरह सजे तेरे अरमान,
तू उदास ना हो कभी,
तेरी जिंदगी में खुशियाँ हो सभी।

टूटे ख्वाबों की तस्वीर कब पूरी होती है,
चाँद तारों के बीच भी दूरी होती है,
देना तो हमें खुदा सब कुछ चाहता है,
पर उसकी भी कुछ मजबूरी होती है।

चाँद पर काली घटा छाती तो होगी,
सितारों को मुस्कराहट आती तो होगी,
तुम लाख छिपाओ दुनिया से मगर,
अकेले में तुम्हे हमारी याद आती तो होगी।

चाँद निकलेगा तो दुआ मांगेंगे,
अपने हिस्से में मुकदर का लिखा मांगेंगे,
हम तलबगार नहीं दुनिया और दौलत के,
हम रब से सिर्फ आपकी वफ़ा मांगेंगे।

ऐ चाँद तु मुझे इतना बता तू मेरा क्या लगता है,
मेरे साथ सारी रात क्यू जगता है,
मैं तो बन बैठा हूँ दीवाना उनके प्यार में,
तू भी किसी से बेपनाह मोहब्बत करता है क्या।

पत्थर की दुनिया जज्बात नहीं समझती,
दिल में क्या है वो बात नहीं समझती,
तनहा तो चाँद भी सितारों के बीच में है,
पर चाँद का दर्द वो रात नहीं समझती।

रात को रात का तोहफा नहीं देते,
दिल को जज़्बात का तोहफा नहीं देते,
देने को तो हम तुम्हें चाँद भी दें,
मगर चाँद को चाँद का तोहफा नहीं देते।

चाँद तारो में नज़र आये चेहरा आपका,
जब से मेरे दिल पे हुआ है पहरा आपका,
चाँद मत मांग मेरे चाँद जमीं पर रहकर,
खुद को पहचान मेरी जान खुदी में रहकर।

देखा चांद आज जो मेरे छत की तरफ,
शर्मा के डूब गया मगरिब की तरफ,
बुला रखा हूं मैं जो अपने महबूब को,
तारे चमकने लगे हैं आसमां की तरफ।

हर सपना ख़ुशी पाने के लिए पूरा नहीं होता,
कोई किसी के बिना अधूरा नहीं होता,
जो चाँद रौशन करता है रात भर को,
हर रात वो भी पूरा नहीं होता।

काश तु चाँद और मैं सितारा होता,
आसमान में एक आशियाना हमारा भी होता,
लोग तुम्हे सिर्फ दूर से ही निहारते,
नज़दीक़ से देखने का हक़ सिर्फ हमारा होता।

रात को जब चाँद सितारे चमकते है,
हम हरदम आपकी याद में तड़पते है,
आप तो चले जाते हो छोड़कर हमे,
हम रात भर आपसे मिलने को तरसते है।

तू चाँद और मैं सितारा होता,
आसमान में एक आशियाना हमारा होता,
लोग तुम्हे दूर से देखते,
नज़दीक़ से देखने का, हक़ बस हमारा होता।

एक आदत आपकी दील चुराने की,
एक तमन्ना आपके दिल मे बस जाने की,
चेहरा आपका चाँद सा और एक,
इच्छा हमारी उस चाँद को पाने की।

बात यह है कि धरती पर चांद होता है,
जब चांद को पता चलता है,
या तो तुमने चाँद खो दिया,
या चाँद बुरी तरह जलता है।

चिराग से अंधेरे दूर हो जाते,
तो चाँद की चाहत किसे होती,
काट सकती अकेले ये ज़िन्दगी,
तो दोस्ती नाम की ये चीज़ ही क्यों होती।

चाँद पर कभी अंधेरा होता ही होगा,
चाँद से तारो का रूठना कभी होता ही होगा,
तुम कितना भी छुपालो हमसे,
तुम्हारा दिल हमारे लिए धड़कता ही होगा।

आज मुद्दतों बाद मुझे मेरे चांद का दीदार तो हुआ,
बेशक एक दूसरे से हम गले लगकर न मिले,
पर दो घड़ी ही सही उसका दीदार तो हुआ।

एक प्यारी सी दिल को चुराने की,
एक इरादा रगों में बस जाने की,
चांद सा हुस्न और तारे सा चमक,
दिल में है हसरत तुम्हे पाने की।

चाँद भी दीदार के काबिल ना रहे,
कोई प्यार के काबिल ना रहे,
इस दिल में बस गई है प्यार के लिए नफरत,
अब तो कोई इंतजार के काबिल ना रहे।

ऐ चाँद मुझे बता तू मेरा क्या लगता है,
क्यों मेरे साथ सारी रात जागा करता है,
मैं तो बन बैठा हूँ दीवाना उनके प्यार में,
क्या तू भी किसी से बेपनाह मोहब्बत करता है।

उन तन्हा रातों में तकिये से लिपट रोते थे हम,
तूने तो खबर ना ली छोड़ने के बाद,
दिल का हर एक राज़ चाँद से कहते थे हम।

ढूँढता हूँ मैं जब अपनी ही खामोशी को,
मुझे कुछ काम नहीं दुनिया की बातों से,
आसमाँ दे न सका चाँद अपने दामन का,
माँगती रह गई धरती कई रातों से।

क्यों हर कोई उस चांद से ही दिल लगाना चाहता है,
शहर का हर एक सितारा उसका होना चाहता है,
खुश हैं हम दूर रहकर उससे क्योंकि,
चांद दूर से ज्यादा खूबसूरत नजर आता है।

रात होगी तो चाँद भी दुहाई देगा,
ख्वाबों में तुम्हे वो चेहरा दिखाई देगा,
ये मोहब्बत ज़रा सोचके करना,
एक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा।

कितना हसीन चाँद सा चेहरा है,
उस पर शबाब का रंग गहरा है,
खुदा को यकीन न था वफापर,
तभी चाँद पर तारों का पहरा है।

चाँद के लिए सितारे अनेक है,
लेकिन सितारों के लिए चाँद एक है,
आपके लिए तो हज़ारों होंगे,
लेकिन हमारे लिए आप एक है।

एक अदा आपका दिल चुराने की,
एक अदा आपकी दिल में बस जाने की,
चेहरा आपका चाँद सा और एक,
हसरत हमारी उस चाँद को पाने की।

चाँद सा चेहरा देखने की इजाज़त दे दो मुझे,
ये शाम सजाने के इजाज़त दे दो मुझे,
क़ैद करलो अपने इश्क़ में या,
इश्क़ करने के इजाज़त दे दो मुझे।

चाँदनी रात बड़ी देर के बाद आई है,
लब पे इक बात बड़ी देर के बाद आई है,
झूम कर आज ये शब-रंग लटें बिखरा दे,
देख बरसात बड़ी देर के बाद आई है।

तुम सुबह का चाँद बन जाओ,
मैं शाम का सूरज हो जाओ,
मिले हम-तुम यु कभी,
तुम मैं हो जाऊं, मे तुम हो जाओ।

वो चाँद है मगर आपसे प्यारा नही,
परवाने का शमा के बिन गुजारा नही,
मेरे दिल ने सुनी है मोटी सी आवाज,
कही आपने मुझे पुकारा तो नही।

तू अपनी निगाहों से न देख खुद को,
चमकता हीरा भी तुझे पत्थर लगेगा,
सब कहते होंगे चाँद का टुकड़ा है तू,
मेरी नजर से देख, चांद तेरा टुकड़ा लगेगा।

हर रास्ता एक सफ़र चाहता है,
हर मुसाफिर एक हमसफ़र चाहता है,
जैसे चाहती है चांदनी चाँद को,
कोई है जो तुमको इस कदर चाहता है।

चाँद तारो की कसम खाता हूँ,
मैं बहारों की कसम खाता हूँ,
कोई आप जैसा नज़र नहीं आया,
मैं नजारों की कसम खाता हूँ।

रात गुमसुम हैं मगर चाँद ख़ामोश नहीं,
कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं,
ऐसे डूबा तेरी आँखों की गहराई में आज,
हाथ में जाम हैं, मगर पीने का होश नहीं।

पूछो इस चाँद से कैसे सिसकते थे हम,
उन तन्हा रातों में तकिये से लिपटकर रोते थे हम,
तूने तो देखा नही छोड़ने के बाद,
दिल का हर एक राज़ चाँद से कहते थे हम।

उजाले की चादर ने चाँद को सुलाया है,
सूरज को दिन का मेहमान बनाया है,
कोई इंतज़ार कर रहा है मेरे मैसेज का,
ठंडी हवाओं ने अभी-अभी मुझे बताया है।

नजर में आपकी नज़ारे रहेंगे,
पलकों पर चाँद सितारे रहेंगे,
बदल जाये तो बदले ये ज़माना,
हम तो हमेशा आपके दीवाने रहेंगे।

एक ये दिन हैं जब चाँद को देखे,
मुद्दत बीती जाती है,
एक वो दिन थे जब चाँद खुद,
हमारी छत पे आया करता था।

ऐ चाँद तू भूल जायेगा अपने आप को,
जब सुनेगा दास्तान मेरे प्यार की,
क्यूँ करता है तू गुरूर अपने आप पे,
इतना तू तो सिर्फ़ परछाई है मेरे यार की।

वो चाँद है मगर आप से प्यारा नहीं,
शमा के बिन परवाने का गुजारा नहीं,
इस दिल ने सुनी एक प्यारी सी आवाज़,
कही आप ने हमें पुकारा तो नहीं।

ऐ चाँद ना गुरुर कर खूबसूरती की,
ये तो मेरे सनम से कम है,
तुझ में तो बेवफाई का दाग है,
मेरा सनम हर मायने में बेदाग है।

रात भर तेरी तारीफ़ करता रहा चाँद से,
चाँद इतना जला कि सूरज हो गया,
चाँद के साथ कई दर्द पुराने निकले,
ग़म थे कितने जो तेरे ग़म के बहाने निकले।

ये दिल न जाने क्या कर बैठा,
मुझसे बिना पूछे ही फैसला कर बैठा,
इस ज़मीन पर टूटा सितारा भी नहीं गिरता,
और ये पागल चाँद से मोहब्बत कर बैठा।

रात के अँधेरे में चाँद की खूबसूरती तो देखो,
ऐसे लगता है मानो कोई परी सूनसान राहो में खड़ी है,
दिल जलता है उसे तन्हाई में भी चमकता देख कर,
यहाँ बिन महबूब के एक रात ना कटी है।

दूर इसी आसमां तले वो बैठा है,
मेरी गुस्ताखी पे ना जाने कब से ऐठा है,
ऐ चाँद तू ही उसे समझा दे जरा,
तेरा पिया यहाँ साँस रोके बैठा है।

पत्थर की दुनिया जज़्बात नहीं समझती,
दिल में क्या है वो बात नहीं समझती,
अकेला तो चाँद भी सितारों के बीच में है,
पर चाँद का दर्द वो रात नहीं समझती।