Chandni Shayari चांदनी शायरी हिंदी में (2022-23)

Chandni Shayari In Hindi | चांदनी शायरी हिंदी में

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Chandni Shayari चांदनी शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Chandni Shayari
तमाम शहर में किस तरह चाँदनी फैली
कि माहताब तो कल रात मेरे घर में था

शब भर शब ए विसाल रहा चाँदनी का लुत्फ
सोया लिपट के वो मह ए ताबाँ तमाम रात

अफ्सुर्दा दिल के वास्ते क्या चाँदनी का लुत्फ
लिपटा पड़ा है मुर्दा सा गोया कफन के साथ

Chandni Shayari चांदनी शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

बहार ए हुस्न ये दो दिन की चाँदनी है हुजूर
जो बात अब की बरस है वो पार साल नहीं

Chandni Shayari चांदनी शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

शब ए वस्ल थी चाँदनी का समाँ था
बगल में सनम था खुदा मेहरबाँ था

चाँदनी में साया हा ए काख ओ कू में घूमिए
फिर किसी को चाहने की आरजू में घूमिए

न इतना जुल्म कर ऐ चाँदनी बहर ए खुदा छुप जा
तुझे देखे से याद आता है मुझ को माहताब अपना

पहना दे चाँदनी को कबा अपने जिस्म की
उस का बदन भी तेरी तरह बे लिबास हो

महक रही है जमीं चाँदनी के फूलों से
खुदा किसी की मोहब्बत पे मुस्कुराया है

सुपुर्द कर के उसे चाँदनी के हाथों में
मैं अपने घर के अँधेरों को लौट आऊँगी

फिर चाँदनी लगे तिरी परछाईं की तरह
फिर चाँद तेरी शक्ल में ढलता दिखाई दे

मुझी से आई थी मिलने उदास चाँदनी रात
अगर ये जानता होता तो जागता भी मैं

वो चाँदनी में फिरते हैं घर घर ये शोर है
निकला है आफ्ताब शब ए माहताब में

लहू में उतरती रही चाँदनी
बदन रात का कितना ठंडा लगा

है साया चाँदनी और चाँद मुखड़ा
दुपट्टा आसमान ए आसमाँ है

चाँदनी रातों में चिल्लाता फिरा
चाँद सी जिस ने वो सूरत देख ली

ये क्या सबब जो इधर चाँदनी नहीं आती
खुदा ने चाँद बनाया है सब के घर के लिए

चाँदनी के हाथ भी जब हो गए शल रात को
अपने सीने पर सँभाला मैं ने बोझल रात को

खुली छतों से चाँदनी रातें कतरा जाएँगी
कुछ हम भी तन्हाई के आदी हो जाएँगे

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