Chasma Shayari चस्मा शायरी हिंदी में (2022-23)

Chasma Shayari In Hindi | चश्मा शायरी हिंदी में

Chasma Shayari In Hindi (चश्मा शायरी हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Chasma Shayari In Hindi | चश्मा शायरी हिंदी में Chasma Shayari In Hindi (चश्मा शायरी हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Chasma Shayari
चश्मे की तरह फूटा और आप ही बह निकला
रखता भला मैं कब तक आँखों में निहाँ पानी

उर्दू जिसे कहते हैं तहजीब का चश्मा है
वो शख्स मोहज्जब है जिस को ये जबाँ आई

खाक में मिल जाए वो चश्मा न जिस में आब हो
फूट जाए आँख अगर मौकूफ रोना हो गया

औरतों की आँखों पर काले काले चश्मे थे सब की सब बरहना थीं
जाहिदों ने जब देखा साहिलों का ये मंजर लिख दिया गुनाहों में

मीर मिले थे मीरा जी से बातों से हम जान गए
फैज का चश्मा जारी है हिफ्ज उन का भी दीवान करें

एड़ियाँ मार के जख्मी भी हुए लोग मगर
कोई चश्मा नहीं जरखेज जमीं से निकला

मुगालते में न रहिएगा कम निगाही के
हमारा चश्मा नजर का नहीं है धूप का है

दिल ए सरशार मिरा चश्म ए सियह मस्त तिरी
जज्बा टकरा दे न पैमाने से पैमाने को

चश्म ए बद दूर अजब खुश कद ओ कामत होगा
अभी फित्ना है कोई दिन में कयामत होगा

अल्लाह रे चश्म ए यार की मोजिज बयानियाँ
हर इक को है गुमाँ कि मुखातब हमीं रहे

मैं भी तलाश ए आब ए हवस में निकला हूँ
शोर सुना था इक चश्मे के उबलने का

चशम दिलबर ने दिल ए जार की दिलदारी की
आह बीमार ने बीमार की गम ख्वारी की

किसी मरज की दवा चश्म ए अश्क बार नहीं
न इंतिजार के काबिल न ख्वाब के काबिल

जाँ सिपारी दाग कत्था चूना है चश्म ए इन्तिजार
वास्ते मेहमान गम के दिल है बीड़ा पान का

चश्म ए वहदत से गर कोई देखे
बुत परस्ती भी हक परस्ती है

जिंदगी है चश्म ए इबरत में अभी
कुछ नहीं तो ऐश ओ इशरत ही सही

चराग ए का बा ओ दैर एक सा है चश्म ए हक बीं में
मुहिब झगड़ा है कोरी के सबब शैख ओ बरहमन का

खुद रफ्तगी है चश्म ए हकीकत जो वा हुई
दरवाजा खुल गया तो मैं घर से निकल गया

उम्मीद से कम चश्म ए खरीदार में आए
हम लोग जरा देर से बाजार में आए

मिजाज ओ मर्तबा ए चश्म ए नम को पहचाने
जो तुझ को देख के आए वो हम को पहचाने

Read More :Shayari Status
Read More :Shayari Image
Read More :Shayari Quotes