Chirag Shayari चिराग शायरी हिंदी में (2022-23)

Chirag Shayari In Hindi | चिराग शायरी हिंदी में

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Chirag Shayari
यादों के साए हैं न उमीदों के हैं चराग
हर शय ने साथ छोड़ दिया है तिरी तरह

कोई चराग जलाता नहीं सलीके से
मगर सभी को शिकायत हवा से होती है

अब किसी राह पे जलते नहीं चाहत के चराग
तू मिरी आखिरी मंजिल है मिरा साथ न छोड़

बुझ चले हैं सारे यादों के चराग
अब चरागों का धुआँ है और हम

जलते हैं इक चराग की लौ से कई चराग
दुनिया तिरे खयाल से रौशन हुई तो है

हाजत चराग की है कब अंजुमन में दिल के
मानिंद ए शम्अ रौशन हर एक उस्तुख्वाँ है

साए ढलने चराग जलने लगे
लोग अपने घरों को चलने लगे

चराग ए इल्म रौशन दिल है तेरा
अंधेरा कर दिया है रौशनी ने

इश्क रौशन था वहाँ दीदा ए आहू से चराग
मैं जो यक रात गया कैस के काशाने में

हिज्र ओ विसाल चराग हैं दोनों तन्हाई के ताकों में
अक्सर दोनों गुल रहते हैं और जला करता हूँ मैं

रवाँ दवाँ है जिंदगी चराग के बगैर भी
है मेरे घर में रौशनी चराग के बगैर भी

इन में लहू जला हो हमारा कि जान ओ दिल
महफिल में कुछ चराग फरोजाँ हुए तो हैं

कब ये दिल ओ दिमाग है मिन्नत ए शम्अ खींचिए
खाना ए दिल जलों के बीच दाग ए जिगर चराग है

लौ एक थरथराई है हर एक में हबीब
यूँ तो हुए चराग फरोजाँ नए नए

एक मुद्दत से धधकता रहा मेरा ये जेहन
तब कहीं जा के फरोजाँ हुए लफ्जों के चराग

रात आती है तो ताकों में जलाते हैं चराग
ख्वाब जिंदा हैं सो आँखों में जलाते हैं चराग

वो तीरा बख्त हूँ कि हसन मेरी बज्म में
दाग ए सियह चराग है और दूद आह ए शम्अ

अमीर ए शहर के ताकों में जलने वाले चराग
उजाले कितने घरों के समेट लाते हैं

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