Daulat Shayari दौलत शायरी हिंदी में (2022-23)

Daulat Shayari In Hindi | दौलत शायरी हिंदी में

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Daulat Shayari
जिंदगी छीन ले बख्शी हुई दौलत अपनी
तू ने ख्वाबों के सिवा मुझ को दिया भी क्या है

आप दौलत के तराजू में दिलों को तौलें
हम मोहब्बत से मोहब्बत का सिला देते हैं

नवाजता था हमेशा वो गम की दौलत से
और इस खजाने से मैं माला माल हो ही गया

दर्द ए महरूमी ए जावेद भी इक दौलत है
अहल ए गम भी तिरे शर्मिंदा ए एहसाँ निकले

दौलत नहीं काम आती जो तकदीर बुरी हो
कारून को भी अपना खजाना नहीं मिलता

दौलत के दाँत कुंद किए मेरे हिर्स ने
खट्टा तमाम शर्बत ए दीनार कर दिया

दोस्तों को भी मिले दर्द की दौलत या रब
मेरा अपना ही भला हो मुझे मंजूर नहीं

गम की दौलत बड़ी मुश्किल से मिला करती है
सौंप दो हम को अगर तुम से निगहबानी न हो

मन की दौलत हाथ आती है तो फिर जाती नहीं
तन की दौलत छाँव है आता है धन जाता है धन

छोड़ के माल ओ दौलत सारी दुनिया में अपनी
खाली हाथ गुजर जाते हैं कैसे कैसे लोग

जिन को दौलत लगती है
उफ वो कितने अमीर होते हैं

इक शहंशाह ने दौलत का सहारा ले कर
हम गरीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मजाक

दौलत का फलक तोड़ के आलम की जबीं पर
मजदूर की किस्मत के सितारे निकल आए

लुटाते हैं वो दौलत हुस्न की बावर नहीं आता
हमें तो एक बोसा भी बड़ी मुश्किल से मिलता है

हुस्न की दौलत उस की है और वस्ल की इशरत भी उस की
जिस ने पल पल हिज्र में काटा जौर सहे दुख झेले हैं

सैल ए गिर्या का मैं ममनूँ हूँ कि जिस की दौलत
बह गई दिल से मिरे जूँ खस ओ खाशाक हवस

ये महल ये माल ओ दौलत सब यहीं रह जाएँगे
हाथ आएगी फकत दो गज जमीं मरने के बाद

दौलत से मोहब्बत तो नहीं थी मुझे लेकिन
बच्चों ने खिलौनों की तरफ देख लिया था

हम ने सारा जीवन बाँटी प्यार की दौलत लोगों में
हम ही सारा जीवन तरसे प्यार की पाई पाई को

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