Farebi Shayari फरेबी शायरी हिंदी में (2022-23)

Farebi Shayari In Hindi | फरेबी शायरी हिंदी में

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Farebi Shayari फरेबी शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Farebi Shayari
खुद फरेबी सी खुद फरेबी है
पास के ढोल भी सुहाने लगे

आशिक हूँ प माशूक फरेबी है मिरा काम
मजनूँ को बुरा कहती है लैला मिरे आगे

खुद फरेबी रहे तो अच्छा है
खुद शनासी तबाह कर देगी

Farebi Shayari फरेबी शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

फरेब ए कुर्ब ए यार हो कि हसरत ए सुपुर्दगी
किसी सबब से दिल मुझे ये बे करार चाहिए

Farebi Shayari फरेबी शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

फरेब ए अहद ए मोहब्बत की सादगी की कसम
वो झूट बोल कि सच को भी प्यार आ जाए

खुला फरेब ए मोहब्बत दिखाई देता है
अजब कमाल है उस बेवफा के लहजे में

हाए ये हुस्न ए तसव्वुर का फरेब ए रंग ओ बू
मैं ये समझा जैसे वो जान ए बहार आ ही गया

फरेब ए जल्वा कहाँ तक ब रू ए कार रहे
नकाब उठाओ कि कुछ दिन जरा बहार रहे

दो गज जमीं फरेब ए वतन के लिए मिली
वैसे तो आसमाँ भी बहुत हैं जमीं बहुत

हर शख्स को फरेब ए नजर ने किया शिकार
हर शख्स गुम है गुम्बद ए जाँ के हिसार में

फरेब ए साकी ए महफिल न पूछिए मजरूह
शराब एक है बदले हुए हैं पैमाने

फरेब ए माह ओ अंजुम से निकल जाएँ तो अच्छा है
जरा सूरज ने करवट ली ये तारे डूब जाएँगे

फरेब ए रौशनी में आने वालो मैं न कहता था
कि बिजली आशियाने की निगहबाँ हो नहीं सकती

देता रहा फरेब ए मुसलसल कोई मगर
इम्कान ए इल्तिफात से हम खेलते रहे

ढूँढता फिरता है मुझ को क्यूँ फरेब ए रंग ओ बू
मैं वहाँ हूँ खुद जहाँ अपना पता मिलता नहीं

गुंचों का फरेब ए हुस्न तौबा काँटों से निबाह चाहता हूँ
धोके दिए हैं दोस्तों ने दुश्मन की पनाह चाहता हूँ

कुछ ऐसा है फरेब ए नर्गिस ए मस्ताना बरसों से
कि सब भूले हुए हैं काबा ओ बुत खाना बरसों से

ये खुद फरेबी ए एहसास ए आरजू तो नहीं
तिरी तलाश कहीं अपनी जुस्तुजू तो नहीं

कहानी है तो इतनी है फरेब ए ख्वाब ए हस्ती की
कि आँखें बंद हूँ और आदमी अफ्साना हो जाए

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