Gajab Shayari (2022-23)

Gajab Shayari In Hindi | गजब शायरी हिंदी में

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Gajab Shayari (2022-23) In Hindi

Gajab Shayari
पलकें घनेरी गोपियों की टोह लिए हुए
राधा के झाँकने का झरोका गजब गजब

गजब है वो जिद्दी बड़े हो गए
मैं लेटा तो उठ के खड़े हो गए

मिरे सूरज आ! मिरे जिस्म पे अपना साया कर
बड़ी तेज हवा है सर्दी आज गजब की है

Gajab Shayari (2022-23) हिंदी में

ऐ मुसहफी तू इन से मोहब्बत न कीजियो
जालिम गजब ही होती हैं ये दिल्ली वालियाँ

Gajab Shayari (2022-23) 2 line

छुप छुप के देखते हो बहुत उस को हर कहीं
होगा गजब जो पड़ गई उस की नजर कहीं

गजब तो ये है मुकाबिल खड़ा है वो मेरे
कि जिस से मेरा तअल्लुक है खूँ के रिश्ते का

गुस्से में बरहमी में गजब में इताब में
खुद आ गए हैं वो मिरे खत के जवाब में

जी चाहता है फिर कोई तुझ से करूँ सवाल
तेरी नहीं नहीं ने गजब का मजा दिया

फलक बेदाद करता है जो जौर ईजाद करते हैं
गजब शागिर्द ढाता है सितम उस्ताद करते हैं

तमन्नाओं की दुनिया दिल में हम आबाद करते हैं
गजब है अपने हाथों जिंदगी बरबाद करते हैं

मेहंदी ने गजब दोनों तरफ आग लगा दी
तलवों में उधर और इधर दिल में लगी है

करता है क्या ये मोहतसिब ए संग दिल गजब
शीशों के साथ दिल न कहीं चूर चूर हों

आप तो आएँगे ही खास तमाशाई जो हैं
दार पे हम जो करेंगे वो गजब देखिएगा

गजब हुआ कि इन आँखों में अश्क भर आए
निगाह ए यास से कुछ और काम लेना था

गजब की धार थी इक साएबाँ साबित न रह पाया
हमें ये जोम था बारिश में अपना सर न भीगेगा

लबों पे मौज ए तबस्सुम निगह में बर्क ए गजब
कोई बताए ये अंदाज ए बरहमी क्या है

सुन चुके जब हाल मेरा ले के अंगड़ाई कहा
किस गजब का दर्द जालिम तेरे अफ्साने में था

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