Galti Shayari (2022-23)

Galti Shayari In Hindi | गलत शायरी हिंदी में

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Galti Shayari (2022-23) In Hindi

Galti Shayari
हम को अक्सर ये खयाल आता है उस को देख कर
ये सितारा कैसे गलती से जमीं पर रह गया

सुखन जिन के कि सूरत जूँ गुहर है बहर ए मअ नी में
अबस गलताँ रखे है फिक्र उन के आब ओ दाने का

रख न आँसू से वस्ल की उम्मीद
खारे पानी से दाल गलती नहीं

Galti Shayari (2022-23) हिंदी में

मुझ को पहचान तू ऐ वक्त मैं वो हूँ जो फकत
एक गलती के लिए अर्श ए बरीं से निकला

Galti Shayari (2022-23) 2 line

आज आईने में खुद को देख कर याद आ गया
एक मुद्दत हो गई जिस शख्स को देखे हुए

उसे भी जाते हुए तुम ने मुझ से छीन लिया
तुम्हारा गम तो मिरी आरजू का जेवर था

जिंदगी ऐ जिंदगी!! आ दो घड़ी मिल कर रहें
तुझ से मेरा उम्र भर का तो कोई झगड़ा न था

मैं साथ ले के चलूँगा तुम्हें ऐ हम सफरो
मैं तुम से आगे हूँ लेकिन ठहरने वाला हूँ

किस से पूछें रात भर अपने भटकने का सबब
सब यहाँ मिलते हैं जैसे नींद में जागे हुए

रौशनी फैली तो सब का रंग काला हो गया
कुछ दिए ऐसे जले हर सू अंधेरा हो गया

समेट लाता हूँ मोती तुम्हारी यादों के
जो खल्वतों के समुंदर में डूबता हूँ मैं

फेंका था हम पे जो कभी उस को उठा के देख
जो कुछ लहू में था उसी पत्थर पे नक्श है

शायद तुम भी अब न मुझे पहचान सको
अब मैं खुद को अपने जैसा लगता हूँ

एक वो हैं कि जिन्हें अपनी खुशी ले डूबी
एक हम हैं कि जिन्हें गम ने उभरने न दिया

यादों की महफिल में खो कर
दिल अपना तन्हा तन्हा है

किसे मिलती नजात आजाद हस्ती के मसाइल से
कि हर कोई मुकय्यद आब ओ गिल के सिलसिलों का था

समेट लो मुझे अपनी सदा के हल्कों में
मैं खामुशी की हवा से बिखरने वाला हूँ

अपनी सारी काविशों को राएगाँ मैं ने किया
मेरे अंदर जो न था उस को बयाँ मैं ने किया

कुछ ऐसे फूल भी गुजरे हैं मेरी नजरों से
जो खिल के भी न समझ पाए जिंदगी क्या है

वक्त का ये मोड़ कैसा है कि तुझ से मिल के भी
तुझ को खो देने का गम कुछ और गहरा हो गया

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