Ghatayen Shayari (2022-23)

Ghatayen Shayari (2022-23)Ghatayen Shayari In Hindi | घटयें शायरी हिंदी में * Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Ghatayen Shayari

Ghatayen Shayari (2022-23) In Hindi

घटाएँ ऊदी ऊदी मै कदा बर दोश ए फस्ल ए गुल
न जाने लग्जिश ए तौबा से ईमानों पे क्या गुजरी

दिल में दुख आँखों में नमी आसमाँ पर घटाएँ
अंदर बाहर इस ओर उस ओर हर ओर बादल

टूट पड़ती थीं घटाएँ जिन की आँखें देख कर
वो भरी बरसात में तरसे हैं पानी के लिए

Ghatayen Shayari (2022-23) हिंदी में

कितनी घटाएँ आईं बरस कर गुजर गईं
शोला हमारे दिल का बुझाया न जा सका

Ghatayen Shayari (2022-23) 2 line

घटाएँ खुल के बरसीं थीं चढ़े थे दिल के दरिया भी
चढ़े दरियाओं का इक दिन उतरना भी जरूरी था

हमें भी तजरबा है बे घरी का छत न होने का
दरिंदे, बिजलियाँ, काली घटाएँ शोर करती हैं

चमन वही है घटाएँ वही बहार वही
मगर गुलों में वो अब रंग ओ बू नहीं बाकी

जब दिल पे छा रही हों घटाएँ मलाल की
उस वक्त अपने दिल की तरफ मुस्कुरा के देख

तिरी कीमत घटाई जा रही है
मुझे फुर्कत सिखाई जा रही है

धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो
जिंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो

इन्ही गम की घटाओं से खुशी का चाँद निकलेगा
अँधेरी रात के पर्दे में दिन की रौशनी भी है

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