Gumnaam Shayari (2022-23)

Gumnaam Shayari In Hindi | गुमनाम शायरी हिंदी में

* Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Gumnaam Shayari In Hindi | गुमनाम शायरी हिंदी में * Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Gumnaam Shayari (2022-23) In Hindi

Gumnaam Shayari

वो एक शख्स कि गुमनाम था खुदाई में
तुम्हारे नाम के सदके में नामवर ठहरा

गुमनाम एक लाश कफन को तरस गई
कागज तमाम शहर के अखबार बन गए

Gumnaam Shayari (2022-23) हिंदी में

जमी है गर्द आँखों में कई गुमनाम बरसों की
मिरे अंदर न जाने कौन बूढ़ा शख्स रहता है

Gumnaam Shayari (2022-23) 2 line

जब छेड़ती हैं उन को गुमनाम आरजुएँ
वो मुझ को देखते हैं मेरी नजर बचा के

छुपे हैं लाख हक के मरहले गुम नाम होंटों पर
उसी की बात चल जाती है जिस का नाम चलता है

अब तो मुझ को भी नहीं मिलती मिरी कोई खबर
कितना गुमनाम हुआ हूँ मैं नुमायाँ हो कर

कुछ मारके हमारे भी हम तक ही रह गए
गुमनाम इक सिपाही की खिदमात की तरह

मक्तल ए वक्त में खामोश गवाही की तरह
दिल भी काम आया है गुमनाम सिपाही की तरह

अपना खत आप दिया उन को मगर ये कह कर
खत तो पहचानिए ये खत मुझे गुमनाम मिला

शम्अ जिस आग में जलती है नुमाइश के लिए
हम उसी आग में गुम नाम से जल जाते हैं

Read More :Awaaz Shayari
Read More :Aurat Shayari
Read More :Aukaat Shayari