Haal Shayari (2022-23)

Haal Shayari In Hindi | हाल शायरी हिंदी में

* Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Haal Shayari (2022-23) In Hindi

Haal Shayari
क्या पूछते हो अकबर ए शोरीदा सर का हाल
खुफिया पुलिस से पूछ रहा है कमर का हाल

खामुशी अर्ज ए हाल है शायद
मेरी सूरत सवाल है शायद

अजीब हाल था अहद ए शबाब में दिल का
मुझे गुनाह भी कार ए सवाब लगता था

Haal Shayari (2022-23) हिंदी में

उन से सब हाल दगाबाज कहे देते हैंHaal Shayari In Hindi | हाल शायरी हिंदी में * Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.
मेरे हमराज मिरा राज कहे देते हैं

Haal Shayari (2022-23) 2 line

हाल कह देते हैं नाजुक से इशारे अक्सर
कितनी खामोश निगाहों की जबाँ होती है

दरवेश नजर आता था हर हाल में लेकिन
साजिद ने लिबास इतना भी सादा नहीं पहना

हाल मुझ गम जदा का जिस जिस ने
जब सुना होगा रो दिया होगा

सजाएँ तो हर हाल में लाजमी थीं
खताएँ न कर के पशेमानीयाँ हैं

आदमी का आदमी हर हाल में हमदर्द हो
इक तवज्जोह चाहिए इंसाँ को इंसाँ की तरफ

हुस्न जिस हाल में नजर आया
हम ने उस हाल में परस्तिश की

है दिलों का वही जो दाना ए तस्बीह का हाल
यूँ मिले हैं प हैं दर अस्ल जुदा एक से एक

क्या मजा पर्दा ए वहदत में है खुलता नहीं हाल
आप खल्वत में ये फरमाइए क्या करते हैं

क्या मिरे हाल पे सच मुच उन्हें गम था कासिद
तू ने देखा था सितारा सर ए मिज्गाँ कोई

मिरा कुछ हाल कह कर जिक्र ए मजनूँ करते हैं आशिक
किताब ए आशिकी में अपना किस्सा पेश ख्वानी है

इस शोला खू को देख हुआ शैख का ये हाल
जुब्बे को आग लग उठी अम्मामा जल गया

ये हाल है मिरे दीवार ओ दर की वहशत का
कि मेरे होते हुए भी मकान खाली है

मिजाज ए हुस्न तो इक हाल पर रहा काएम
लुटाने वालों ने सब कुछ लुटा के देख लिया

तुम को हमारे हाल की है जिस कदर खबर
उतनी हमारे हाल की हम को खबर नहीं

देखे बगैर हाल ये है इज्तिराब का
क्या जाने क्या हो पर्दा जो उट्ठे नकाब का

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