Ibadat Shayari इबादत शायरी हिंदी में (2022-23)

Ibadat Shayari In Hindi | इबादत शायरी हिंदी में

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Ibadat Shayari इबादत शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Ibadat Shayari
इबादत खुदा की ब उम्मीद ए हूर
मगर तुझ को जाहिद हया कुछ नहीं

फर्ज बरसों की इबादत का अदा हो जैसे
बुत को यूँ पूज रहे हैं कि खुदा हो जैसे

सौदा गरी नहीं ये इबादत खुदा की है
ऐ बे खबर जजा की तमन्ना भी छोड़ दे

Ibadat Shayari इबादत शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

न मय कशी न इबादत हमारी आदत है
कि सामने कोई काम आ गया तो कर लेना

Ibadat Shayari इबादत शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

ये इम्तियाज जरूरी है अब इबादत में
वही दुआ जो नजर कर रही है लब भी करें

दुनिया में बहर कौन इबादत गुजार है
सौम ओ सलात दाखिल ए रस्म ओ रिवाज है

देखा है मोहब्बत को इबादत की नजर से
नफरत के अवामिल हमें मायूब रहे हैं

न पाया वक्त ऐ जाहिद कोई मैं ने इबादत का
शब ए हिज्राँ हुई आखिर तो सुब्ह ए इंतिजार आई

अयादत होती जाती है इबादत होती जाती है
मिरे मरने की देखो सब को आदत होती जाती है

याद रखना भी इक इबादत है
क्यूँ न हम उन का हाफिजा हो जाएँ

हल्का था नदामत से सरमाया इबादत का
इक कतरे में बह निकले तस्बीह के सौ दाने

रहता है इबादत में हमें मौत का खटका
हम याद ए खुदा करते हैं कर ले न खुदा याद

मुझे तो उन की इबादत पे रहम आता है
जबीं के साथ जो सज्दे में दिल झुका न सके

उस की याद आई है साँसो जरा आहिस्ता चलो
धड़कनों से भी इबादत में खलल पड़ता है

तवाफ ए काबा ए दिल कर नियाज ओ खाकसारी सीं
वजू दरकार नईं कुछ इस इबादत में तयम्मुम कर

मोतकिफ हो शैख अपने दिल में मस्जिद से निकल
साहिब ए दिल की बगल में दिल इबादत खाना है

मैं तो मस्जिद से चला था किसी काबा की तरफ
दुख तो ये है कि इबादत मिरी बद नाम हुई

एक के घर की खिदमत की और एक के दिल से मोहब्बत की
दोनों फर्ज निभा कर उस ने सारी उम्र इबादत की

तेरी चाहत है ख्वाब ए पाकीजा
इक इबादत जो बा वजू होगी

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