Ijazat Shayari इजाजत शायरी हिंदी में (2022-23)

Ijazat Shayari In Hindi | इजाजत शायरी हिंदी में

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Ijazat Shayari इजाजत शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Ijazat Shayari
बात करने की शब ए वस्ल इजाजत दे दो
मुझ को दम भर के लिए गैर की किस्मत दे दो

हम हैं असीर ए जब्त इजाजत नहीं हमें
रो पा रहे हैं आप बधाई है रोइए

चलने की इजाजत है फकत तेग ए रवाँ को
कातिल की गली रहगुजर ए आम नहीं है

Ijazat Shayari इजाजत शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

इजाजत माँगती है दुख्त ए रज महफिल में आने की
मजा हो शैख साहिब कह उठें बे इख्तियार आए

Ijazat Shayari इजाजत शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

इजाजत हो तो मैं तस्दीक कर लूँ तेरी जुल्फों से
सुना है जिंदगी इक खूबसूरत दाम है साकी

दे मुझ को शिकायत की इजाजत कि सितमगर
कुछ तुझ को मजा भी मिरे आजार में आवे

खमोशी बस खमोशी थी इजाजत अब हुई है
इशारों को तिरे पढ़ने की जुरअत अब हुई है

इजाजत कम थी जीने की मगर मोहलत जियादा थी
हमारे पास मरने के लिए फुर्सत जियादा थी

न तड़पने की इजाजत है न फरियाद की है
घुट के मर जाऊँ ये मर्जी मिरे सय्याद की है

लौट जाने की इजाजत नहीं दूँगा उस को
कोई अब मेरे तआकुब में अगर आता है

ऐ बुतों अल्लाह से ली है इजाजत वस्ल की
कल हजारों देख डाले इस्तिखारे रात को

मैं चाहता हूँ कि तुम ही मुझे इजाजत दो
तुम्हारी तरह से कोई गले लगाए मुझे

तुम्हारा हिज्र मना लूँ अगर इजाजत हो
मैं दिल किसी से लगा लूँ अगर इजाजत हो

ये जो दुनिया है इसे इतनी इजाजत कब है
हम पे अपनी ही किसी बात का गुस्सा उतरा

इजाजत हो तो तेरा नाम लिख लूँ
मिरे दिल का वरक सादा है अब तक

इजाजत हो तो मैं इक झूट बोलूँ
मुझे दुनिया से नफरत हो गई है

तुम्हारा नाम लिखने की इजाजत छिन गई जब से
कोई भी लफ्ज लिखता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं

हमेशा गैर की इज्जत तिरी महफिल में होती है
तिरे कूचे में जा कर हम जलील ओ ख्वार होते हैं

शहर ए सुखन में ऐसा कुछ कर इज्जत बन जाए
सब कुछ मिट्टी हो जाता है इज्जत रहती है

सारी इज्जत नौकरी से इस जमाने में है मेहर
जब हुए बे कार बस तौकीर आधी रह गई

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