Iman Shayari ईमान शायरी हिंदी में (2022-23)

Iman Shayari In Hindi | ईमान शायरी हिंदी में

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Iman Shayari ईमान शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Iman Shayari
इश्क ईमान दोनों में तफरीक है
पर इन्हीं दोनों पे मेरा ईमान है

आप इधर आए उधर दीन और ईमान गए
ईद का चाँद नजर आया तो रमजान गए

बे दीन हुए ईमान दिया हम इश्क में सब कुछ खो बैठे
और जिन को समझते थे अपना वो और किसी के हो बैठे

Iman Shayari ईमान शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

हुस्न और इश्क दोनों में तफरीक है पर इन्हीं दोनों पे मेरा ईमान है
गर खुदा रूठ जाए तो सज्दे करूँ और सनम रूठ जाए तो मैं क्या करूँ

Iman Shayari ईमान शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

उन्हें देखा तो जाहिद ने कहा ईमान की ये है
कि अब इंसान को सज्दा रवा होने का वक्त आया

कहाँ ईमान किस का कुफ्र और दैर ओ हरम कैसे
तिरे होते हुए ऐ जाँ खयाल ए दो जहाँ क्यूँ हो

ईमान की तो ये है कि ईमान अब कहाँ
काफिर बना गई तिरी काफिर नजर मुझे

नासेह को बुलाओ मिरा ईमान सँभाले
फिर देख लिया उस ने उसी एक नजर से

सैंत कर ईमान कुछ दिन और रखना है अभी
आज कल बाजार में मंदी है सस्ता है अभी

ईमान साथ जाएगा क्यूँकर खुदा के घर
काबे का रास्ता तो कलीसा से मिल गया

वैसे तो ईमान है मेरा उन बाँहों की गुंजाइश पर
देखना ये है उस कश्ती में कितना दरिया आ जाता है

क्या खाएँ हम वफा में अब ईमान की कसम
जब तार ए सुब्हा रिश्ता ए जुन्नार हो चुका

बोले नहीं वो हर्फ जो ईमान में न थे
लिक्खी नहीं वो बात जो अपनी नहीं थी बात

है दिल तिरा है जाँ तिरी ईमान है तिरा
तो कैसे मानूँ तेरा मुकद्दर नहीं हूँ मैं

तेरे घर आएँ तो ईमान को किस पर छोड़ें
हम तो काबे ही में ऐ दुश्मन ए दीं अच्छे हैं

एक ईमान है बिसात अपनी
न इबादत न कुछ रियाजत है

चलो अम्न ओ अमाँ है मय कदे में
वहीं कुछ पल ठहर कर देखते हैं

शहर में अम्न ओ अमाँ हो ये जरूरी है मगर
हाकिम ए वकत के माथे पे लिखा ही कुछ है

ईमान जाए या रहे जो हो बला से हो
अब तो नजर में वो बुत ए काफिर समा गया

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