Insaaniyat Shayari इंसानियत शायरी हिंदी में (2022-23)

Insaaniyat Shayari In Hindi | इंसानियत शायरी हिंदी में

* Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Insaaniyat Shayari In Hindi | इंसानियत शायरी हिंदी में * Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Insaaniyat Shayari इंसानियत शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Insaaniyat Shayari
धज्जियाँ उड़ने लगीं इंसानियत की चार सू
दिल दरिंदा हो गया इंसान पथरीले हुए

जहाँ इंसानियत वहशत के हाथों जब्ह होती हो
जहाँ तजलील है जीना वहाँ बेहतर है मर जाना

जहान ए दर्द में इंसानियत के नाते से
कोई बयान करे मेरी दास्ताँ होगी

Insaaniyat Shayari इंसानियत शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

जिस की अदा अदा पे हो इंसानियत को नाज
मिल जाए काश ऐसा बशर ढूँडते हैं हम

Insaaniyat Shayari इंसानियत शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

नहीं है इंसानियत के बारे में आज भी जेहन साफ जिन का
वो कह रहे हैं कि जिस से नेकी करोगे उस से बदी मिलेगी

जिस में इंसानियत नहीं रहती
हम दरिंदे हैं ऐसे जंगल के

मौत के खूँ ख्वार पंजों में सिसकती है हयात
आज है इंसानियत की हर अदा सहमी हुई

हिन्दू से पूछिए न मुसलमाँ से पूछिए
इंसानियत का गम किसी इंसाँ से पूछिए

कभी मंदिर कभी मस्जिद पे है इस का बसेरा
धरम इंसानियत का बस कबूतर जानता है

दावा ए इंसानियत माइल अभी जेबा नहीं
पहले ये सोचो किसी के काम आ सकता हूँ मैं

Read More :Fikr Shayari
Read More :Filhaal Shayari
Read More :Fauji Shayari