Jhoot Shayari झूट शायरी हिंदी में (2022-23)

Jhoot Shayari In Hindi | झूठ शायरी हिंदी में

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Jhoot Shayari झूट शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Jhoot Shayari
कुछ कह दो झूट ही कि तवक्को बंधी रहे
तोड़ो न आसरा दिल ए उम्मीद वार का

झूट में शक की कम गुंजाइश हो सकती है
सच को जब चाहो झुठलाया जा सकता है

झूट बोला है तो काएम भी रहो उस पर जफर
आदमी को साहब ए किरदार होना चाहिए

Jhoot Shayari झूट शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

पूछे रिंदों से कोई इन मुफ्तियों का झूट सच
दो दलीलों से ये कर लेते हैं दा वा झूट सच

Jhoot Shayari झूट शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

वफा के शहर में अब लोग झूट बोलते हैं
तू आ रहा है मगर सच को मानता है तो आ

मैं सच से गुरेजाँ हूँ और झूट पे नादिम हूँ
वो सच पे पशेमाँ है और झूट पर आमादा

तेरे वादे को कभी झूट नहीं समझूँगा
आज की रात भी दरवाजा खुला रक्खूँगा

मैं झूट को सच्चाई के पैकर में सजाता
क्या कीजिए मुझ को ये हुनर ही नहीं आया

वो झूट बोल रहा था बड़े सलीके से
मैं ए तिबार न करता तो और क्या करता

यहाँ तक उन के वादे झूट निकले
कसम को भी हुई हाजत कसम की

झूट होंटों पे बिला खौफ ओ खतर आया है
मुद्दतों शहर में रह कर ये हुनर आया है

वाइ ज का झूट बोलना तासीर कर गया
दम में नमाजियों की हुई अंजुमन खराब

झूट के आगे पीछे दरिया चलते हैं
सच बोला तो प्यासा मारा जाएगा

सुना रहा हूँ उन्हें झूट मूट इक किस्सा
कि एक शख्स मोहब्बत में कामयाब रहा

कहिए जो झूट तो हम होते हैं कह के रुस्वा
सच कहिए तो जमाना यारो नहीं है सच का

झूट है दिल न जाँ से उठता है
ये धुआँ दरमियाँ से उठता है

तिरे वादे पर जिए हम तो ये जान झूट जाना
कि खुशी से मर न जाते अगर ए तिबार होता

झूट और मुबालगे ने अफ्सोस
इज्जत खो दी सुखनवरी की

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