Jigar Shayari जिगर शायरी हिंदी में (2022-23)

Jigar Shayari In Hindi | जिगर शायरी हिंदी में

* Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Jigar Shayari In Hindi | जिगर शायरी हिंदी में * Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Jigar Shayari जिगर शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Jigar Shayari
सब को मारा जिगर के ने
और जिगर को शराब ने मारा

अहबाब मुझ से कत ए तअल्लुक करें जिगर
अब आफ्ताब ए जीस्त लब ए बाम आ गया

वही है जिंदगी लेकिन जिगर ये हाल है अपना
कि जैसे जिंदगी से जिंदगी कम होती जाती है

Jigar Shayari जिगर शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

जान ही दे दी जिगर ने आज पा ए यार पर
उम्र भर की बे करारी को करार आ ही गया

Jigar Shayari जिगर शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

ऐ जौक वक्त नाले के रख ले जिगर पे हाथ
वर्ना जिगर को रोएगा तू धर के सर पे हाथ

हुस्न को भी कहाँ नसीब जिगर
वो जो इक शय मिरी निगाह में है

दोनों आँखें दिल जिगर हैं इश्क होने में शरीक
ये तो सब अच्छे रहेंगे मुझ पर इल्जाम आएगा

जिगर के दाग दिखाने से फाएदा क्या है
अभी जमाने के हालात साजगार नहीं

दर्द को गुर्दा तड़पने को जिगर
हिज्र में सब हैं मगर दिल तो नहीं

जिगर का दाग छुपाओ कमर खुदा के लिए
सितारे टूटते हैं उन के दीदा ए नम से

जख्म ए दिल दाग ए जिगर दाग ए तमन्ना की कसम
चाँद से फूल से डर हम को यहाँ होता है

एक दिल है और तूफान ए हवादिस ऐ जिगर
एक शीशा है कि हर पत्थर से टकराता हूँ मैं

जिगर में दर्द तो है दिल में इज्तिराब तो है
तुम्हारे गम में मिरी जिंदगी खराब तो है

कल्ब ओ जिगर के दाग फरोजाँ किए हुए
हैं हम भी एहतिमाम ए बहाराँ किए हुए

तूल ए गम ए हयात से घबरा न ऐ जिगर
ऐसी भी कोई शाम है जिस की सहर न हो

फानी दवा ए दर्द ए जिगर जहर तो नहीं
क्यूँ हाथ काँपता है मिरे चारासाज का

मैं ने देखे हैं दहकते हुए फूलों के जिगर
दिल ए बीना में है वो नूर तुम्हें क्या मालूम

रह ए वफा में लुटा कर मता ए कल्ब ओ जिगर
किया है तेरी मोहब्बत का हक अदा मैं ने

लहू जिगर का हुआ सर्फ ए रंग ए दस्त ए हिना
जो सौदा सर में था सहरा खंगालने में गया

Read More :Jam Shayari
Read More :Jakhami Shayari
Read More :Jahar Shayari