जिंदगी शायरी | Jindagi Shayari

Jindagi Shayari | जिंदगी शायरी

Jindagi Shayari In Hindi | जिंदगी शायरी हिंदी में

* Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Jindagi Shayari In Hindi | जिंदगी शायरी हिंदी में * Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Jindagi Shayari

जिंदगी और जिंदगी की यादगार
पर्दा और पर्दे पे कुछ परछाइयाँ

जिया वो जिंदगी क्या जिंदगी है
जिसे खुद मौत भी ठुकरा गई हो

जिंदगी से जिंदगी रूठी रही
आदमी से आदमी बरहम रहा

यही जिंदगी मुसीबत यही जिंदगी मसर्रत
यही जिंदगी हकीकत यही जिंदगी फसाना

गुजर रही थी जिंदगी गुजर रही है जिंदगी
नशेब के बगैर भी फराज के बगैर भी

ये जिंदगी भी कोई जिंदगी हुई बिस्मिल
न रो सके न कभी हँस सके ठिकाने से

तो जिंदगी को जिएँ क्यूँ न जिंदगी की तरह
कहीं पे फूल कहीं पर शरर बनाते हुए

जिंदगी महव ए खुद आराई थी
आँख उठा कर भी न देखा हम ने

जिंदगी कशमकश ए वक्त में गुजरी अपनी
दिन ने जीने न दिया रात ने मरने न दिया

बे तअल्लुक जिंदगी अच्छी नहीं
जिंदगी क्या मौत भी अच्छी नहीं

जिंदगी सुंदर गजल है दोस्तो
जिंदगी को गुनगुनाना चाहिए

मिरी जिंदगी पे न मुस्कुरा मुझे जिंदगी का अलम नहीं
जिसे तेरे गम से हो वास्ता वो खिजाँ बहार से कम नहीं

जिंदगी माइल ए फरियाद ओ फुगाँ आज भी है
कल भी था सीने पे इक संग ए गिराँ आज भी है

सौदा ए जुल्फ ए यार में है तल्ख जिंदगी
ये जहर हम ने मोल लिया साँप पाल के

जिंदगी जिंदा दिली का है नाम
मुर्दा दिल खाक जिया करते हैं

जिंदगी फिरदौस ए गुम गश्ता को पा सकती नहीं
मौत ही आती है ये मंजिल दिखाने के लिए

Read More :Jannat Shayari
Read More :Janab Shayari
Read More :Jalna Shayari