Julfe Shayari जुल्फे शायरी हिंदी में (2022-23)

Julfe Shayari In Hindi | जुल्फें शायरी हिंदी में

* Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Julfe Shayari In Hindi | जुल्फें शायरी हिंदी में * Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Julfe Shayari
जुल्फें मुँह पर हैं मुँह है जुल्फों में
रात भर सुब्ह शाम दिन भर है

जुल्फें इधर खुलीं अधर आँसू उमँड पड़े
हैं सब के अपने अपने रवाबित घटा के साथ

खत बढ़ा काकुल बढ़े जुल्फें बढ़ीं गेसू बढ़े
हुस्न की सरकार में जितने बढ़े हिन्दू बढ़े

दुआएँ माँगी हैं साकी ने खोल कर जुल्फें
बसान ए दस्त ए करम अब्र ए दजला बार बरस

वहाँ पहुँच नहीं सकतीं तुम्हारी जुल्फें भी
हमारे दस्त ए तलब की जहाँ रसाई है

सुब्ह दम जुल्फें न यूँ बिखराइए
लोग धोका खा रहे हैं शाम का

ये दिल वालों से पूछो इस को दिल वाले समझते हैं
बिगाड़ आई हवा जुल्फें किसी की या सँवार आई

अपने हाथों को चूमता होगा
तेरी जुल्फें सँवारने वाला

हाथ टूटें मैं ने गर छेड़ी हों जुल्फें आप की
आप के सर की कसम बाद ए सबा थी मैं न था

खेलें आपस में परी चेहरा जहाँ जुल्फें खोल
कौन पूछे है वहाँ हाल ए परेशाँ मेरा

जल्वे मचल पड़े तो सहर का गुमाँ हुआ
जुल्फें बिखर गईं तो सियह रात हो गई

नींद उस की है दिमाग उस का है रातें उस की हैं
तेरी जुल्फें जिस के बाजू पर परेशाँ हो गईं

देख लेते जो मिरे दिल की परेशानी को
आप बैठे हुए जुल्फें न सँवारा करते

वो जब तक कि जुल्फें सँवारा किया
खड़ा उस पे मैं जान वारा किया

सरक कर आ गईं जुल्फें जो इन मखमूर आँखों तक
मैं ये समझा कि मय खाने पे बदली छाई जाती है

जंजीर जुल्फ ए सियाह समुंदर निगाह ए शोख
जाऊँ कहाँ फरार का रस्ता कोई तो हो

जो मा शूक ए जुल्फ ए दोता बाँधते हैं
मिरे सर से काली बला बाँधते हैं

यूँ अचानक न जुल्फें बिखेरा करो
दिल तो नादान है बहक भी सकता है

Read More :Judaai Shayari
Read More :Julf Shayari
Read More :Jordar Shayari