Kafan Shayari कफन शायरी हिंदी में (2022-23)

Kafan Shayari In Hindi | कफन शायरी हिंदी में

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Kafan Shayari
आँसू हैं कफन पोश सितारे हैं कफन रंग
लो चाक किए देते हैं दामान ए सहर हम

मुंतजिर हूँ मैं कफन बाँध के सर से आजिज
सामने से कोई खंजर नहीं आया अब तक

ढाँपा कफन ने दाग ए उयूब ए बरहनगी
मैं वर्ना हर लिबास में नंग ए वजूद था

ये लाश ए बे कफन असद ए खस्ता जाँ की है
हक मगफिरत करे अजब आजाद मर्द था

इक खूँ चकाँ कफन में करोड़ों बनाओ हैं
पड़ती है आँख तेरे शहीदों पे हूर की

कफन न मेरा हटाओ जमाना देख न ले
मैं सो गया हूँ तुम्हारी निशानियाँ ले कर

मैं गिन रहा था शुआ ओं के बे कफन लाशे
उतर रही थी शब ए गम शफक के जीने से

सिए जाते हैं कफन आप के दीवानों के
तार दामन के हैं टुकड़े हैं गरेबानों के

है वसिय्यत कि कफन मुझ को इसी का देना
हाथ आ जाए जो उतरा हुआ पैराहन ए दोस्त

आज वाँ तेग ओ कफन बाँधे हुए जाता हूँ मैं
उज्र मेरे कत्ल करने में वो अब लावेंगे क्या

कफन की जेब भी खाली नहीं है
ये बद हाली है खुश हाली नहीं है

करो कज जबीं पे सर ए कफन मिरे कातिलों को गुमाँ न हो
कि गुरूर ए इश्क का बाँकपन पस ए मर्ग हम ने भुला दिया

कफन ऐ गर्द ए लहद देख न मैला हो जाए
आज ही हम ने ये कपड़े हैं नहा के बदले

दिल ए मायूस को पहने हुए आती हैं नजर
सैकड़ों हसरत ए दीदार कफन आइने में

डाल दो साया अपने आँचल का
ना तवाँ हूँ कफन भी हो हल्का

इंसाँ की ख्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं
दो गज जमीं भी चाहिए दो गज कफन के बाद

पीर हो शैख हुआ है देखो तिफ्लों का मुरीद
मुर्दा बोला है कफन फाड़ कयामत आई

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