Kasam Shayari कसम शायरी हिंदी में (2022-23)

Kasam Shayari In Hindi | कसम शायरी हिंदी में

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Kasam Shayari कसम शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Kasam Shayari
वकार ए खून ए शहीदान ए कर्बला की कसम
यजीद मोरचा जीता है जंग हारा है

गम ए उक्बा गम ए दौराँ गम ए हस्ती की कसम
और भी गम हैं जमाने में मोहब्बत के सिवा

वहदहू ला शरीक की है कसम
ऐ सनम तुम बुतों में यकता हो

Kasam Shayari कसम शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

दीदा ए दोस्त तिरी चश्म नुमाई की कसम
मैं तो समझा था कि दर खुल गया मय खाने का

Kasam Shayari कसम शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

जिंदगी भर की हिफाजत की कसम खाते हुए
भाई के हाथ पे इक बहन ने राखी बाँधी

साकी हमें कसम है तिरी चश्म ए मस्त की
तुझ बिन जो ख्वाब में भी पिएँ मय हराम हो

कसम ही नहीं है फकत इस का शेवा
तगाफुल भी है एक अंदाज उस का

तू ने कसम मय कशी की खाई है गालिब
तेरी कसम का कुछ ए तिबार नहीं है

तेरी मासूम निगाहों के तकद्दुस की कसम
सो भी जाऊँ तो तिरे ख्वाब जगा देते हैं

दिन के सीने में धड़कते हुए लम्हों की कसम
शब की रफ्तार ए सुबुक गाम से जी डरता है

तिरी अदा की कसम है तिरी अदा के सिवा
पसंद और किसी की हमें अदा न हुई

जगमगाती तिरी आँखों की कसम फुर्कत में
बड़े दुख देती है ये तारों भरी रात मुझे

दी कसम वस्ल में उस बुत को खुदा की तो कहा
तुझ को आता है खुदा याद हमारे होते

ऐ जाहिदो बातिल से कसम खाओ जो पहले
तो तुम से कहें हम हक ओ बातिल की हकीकत

कसम खुदा की ये वारफ्तगी न थी मुझ में
किसी के इश्क ए सलीका शिआ र से पहले

आप के लब पे और वफा की कसम
क्या कसम खाई है खुदा की कसम

यूँ तर्क ए तअल्लुक की कसम खाए हुए हों
जैसे मिरे सीने में किसी और का दिल है

खुदा की कसम उस ने खाई जो आज
कसम है खुदा की मजा आ गया

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