Khamosh Shayari खामोश शायरी हिंदी में (2022-23)

Khamosh Shayari In Hindi | खामोश शायरी हिंदी में

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Khamosh Shayari खामोश शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Khamosh Shayari
जफर है बेहतरी इस में कि मैं खमोश रहूँ
खुले जबान तो इज्जत किसी की क्या रह जाए

वो मुझे देख कर खमोश रहा
और इक शोर मच गया मुझ में

टहनी पे खमोश इक परिंदा
माजी के उलट रहा है दफ्तर

Khamosh Shayari खामोश शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

खमोश रहने की आदत भी मार देती है
तुम्हें ये जहर तो अंदर से चाट जाएगा

Khamosh Shayari खामोश शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

साकी मिरी खमोश मिजाजी की लाज रख
इकरार गर नहीं है तो इंकार भी नहीं

वो जिस का नाम पड़ा है खमोश लोगों में
यहाँ पे लफ्जों के दरिया बहा रहा था अभी

और होते हैं जो महफिल में खमोश आते हैं
आँधियाँ आती हैं जब हजरत ए जोश आते हैं

गहरी खमोश झील के पानी को यूँ न छेड़
छींटे उड़े तो तेरी कबा पर भी आएँगे

अगर खमोश रहूँ मैं तो तू ही सब कुछ है
जो कुछ कहा तो तिरा हुस्न हो गया महदूद

असर ए इश्क से हूँ सूरत ए शम्अ खामोश
ये मुरक्का है मिरी हसरत ए गोयाई का

ब पास ए एहतिराम ए इश्क हम खामोश हैं वर्ना
परेशाँ कर भी सकते हैं परेशाँ हो भी सकते हैं

जबाँ खामोश मगर नजरों में उजाला देखा
उस का इजहार ए मोहब्बत भी निराला देखा

फूल अफ्सुर्दा बुलबुलें खामोश
फस्ल गुल आई है खिजाँ बर दोश

खामोश सही मरकजी किरदार तो हम थे
फिर कैसे भला तेरी कहानी से निकलते

वक्त खामोश है टूटे हुए रिश्तों की तरह
वो भला कैसे मिरे दिल की खबर पाएगा

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