Khamoshiyan Shayari खामोशियां शायरी हिंदी में (2022-23)

Khamoshiyan Shayari In Hindi | खामोशियां शायरी हिंदी में

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Khamoshiyan Shayari
चमन से कौन चला है खमोशियाँ ले कर
कली कली तड़प उट्ठी है सिसकियाँ ले कर

मिरी खामोशियों पर दुनिया मुझ को तअन देती है
ये क्या जाने कि चुप रह कर भी की जाती हैं तकरीरें

उस की खमोशियों में निहाँ कितना शोर था
मुझ से सिवा वो दर्द का खूगर लगा मुझे

मिरी खामोशियों की झील में फिर
किसी आवाज का पत्थर गिरा है

सबब खामोशियों का मैं नहीं था
मिरे घर में सभी कम बोलते थे

मेरी खामोशियों में लर्जां है
मेरे नालों की गुम शुदा आवाज

ये हासिल है मिरी खामोशियों का
कि पत्थर आजमाने लग गए हैं

मेरी खामोशियों के आलम में
गूँज उठती है आप की आवाज

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