Khatam Shayari खतम शायरी हिंदी में (2022-23)

Khatam Shayari In Hindi | खत्म शायरी हिंदी में

* Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Khatam Shayari In Hindi | खत्म शायरी हिंदी में * Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Khatam Shayari खतम शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Khatam Shayari
सरकशी खुद कशी पे खत्म हुई
एक रस्सी थी जल गई शायद

खत्म करना चाहता हूँ पेच ओ ताब ए जिंदगी
याद ए गेसू जोर ए बाजू बन मिरे शाने में आ

अदा हुआ न कर्ज और वजूद खत्म हो गया
मैं जिंदगी का देते देते सूद खत्म हो गया

Khatam Shayari खतम शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

शायद अब खत्म हुआ चाहता है अहद ए सुकूत
हर्फ ए एजाज की तासीर से लब जागते हैं

Khatam Shayari खतम शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

मेरा शोर ए गर्काबी खत्म हो गया आखिर
और रह गया बाकी सिर्फ शोर दरिया का

रफ्ता रफ्ता खत्म किस्सा हो गया होना ही था
वो भी आखिर मेरे जैसा हो गया होना ही था

तसव्वुर के सहारे यूँ शब ए गम खत्म की मैं ने
जहाँ दिल की खलिश उभरी तुम्हें आवाज दी मैं ने

जबाँ जबाँ पे शोर था कि रात खत्म हो गई
यहाँ सहर की आस में हयात खत्म हो गई

खत्म हो जाएँ जिन्हें देख के बीमारी ए दिल
ढूँड कर लाएँ कहाँ से वो मसीहा चेहरे

वफादारी गुरूर ए बे रुखी को खत्म कर देगी
जियादा तो नहीं कुछ दिन रहें वो बद गुमाँ शायद

हमीं पे खत्म न कीजिए शिकायत ए दौराँ
जो चल पड़ी है तो फिर दूर तक ये बात चले

हमीं पे खत्म हैं जौर ओ सितम जमाने के
हमारे बाद उसे किस की आरजू होगी

हिज्र के दिन तो हुए खत्म बड़ी धूम के साथ
वस्ल की रात है क्यूँ मर्सिया ख्वानी करें हम

न उस के लब को फकत लाल कह के खत्म करो
अभी तो उस में बहुत सी है गुफ्तुगू बाकी

खत्म होने को हैं अश्कों के जखीरे भी जमाल
रोए कब तक कोई इस शहर की वीरानी पर

चले थे जिस की तरफ वो निशान खत्म हुआ
सफर अधूरा रहा आसमान खत्म हुआ

कहीं जमीं से तअल्लुक न खत्म हो जाए
बहुत न खुद को हवा में उछालिए साहिब

न जाने खत्म हुई कब हमारी आजादी
तअल्लुकात की पाबंदियाँ निभाते हुए

Read More :Moj Shayari
Read More :Milna Shayari
Read More :Mohabbatein Shayari