Khuddar Shayari खुद्दार शायरी हिंदी में (2022-23)

Khuddar Shayari In Hindi | खुद्दार शायरी हिंदी में

* Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Khuddar Shayari In Hindi | खुद्दार शायरी हिंदी में * Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Khuddar Shayari

खुद्दार खुद परस्त हैं जिद्दी बला के हैं
हम जो गए तो लौट कर वापस न आएँगे

यही काँटे तो कुछ खुद्दार हैं सेहन ए गुलिस्ताँ में
कि शबनम के लिए दामन तो फैलाया नहीं करते

ठुकरा के चले आए खुद्दार तबीअ त है
हम उन की इनायत को खैरात समझते हैं

खुद पुकारेगी जो मंजिल तो ठहर जाऊँगा
वर्ना खुद्दार मुसाफिर हूँ गुजर जाऊँगा

इतना हैरान न हो मेरी अना पर प्यारे
इश्क में भी कई खुद्दार निकल आते हैं

सिर्फ हाथों को न देखो कभी आँखें भी पढ़ो
कुछ सवाली बड़े खुद्दार हुआ करते हैं

नाकामियों ने और भी सरकश बना दिया
इतने हुए जलील कि खुद्दार हो गए

शाम ए गम करवट बदलता ही नहीं
वक्त भी खुद्दार है तेरे बगैर

मैं ने हँस कर डाँट दिया था प्यार के पहले शब्दों पर
उस ने फिर कोशिश ही नहीं की वो खुद्दार बला की थी

खुद सर है अगर वो तो मरासिम न बढ़ाओ
खुद्दार अगर हो तो अना तंग करेगी

Read More :Pahchan Shayari
Read More :Nigah Shayari
Read More :Nigahen Shayari