महाराजा अग्रसेन जयंती शायरी | Maharaja Agrasen Jayanti Shayari

Maharaja Agrasen Jayanti Shayari In Hindi

बांध कर पगड़ी,जब अग्रसेन जी तैयार होते उठाकर तलवार जब घोड़े पर सवार होते,
देखते सब लोग और कहते कि काश हम भी अग्रवाल होते.

जिसके ह्रदय में दूसरे का हित बसता है, उनको जगत में कुछ भी दुर्लभ नहीं है
जो अपने जैसा दूसरों को भी सुखी देखने की कामना रखते है, उनके पास रहने
से विद्या प्राप्त होती है और अज्ञान का अंधकार दूर होता है.

Instead of eating away a nightingale, I wish to hear it singing”
Maharaja Agrasen