Manjil Shayari मंजिल शायरी हिंदी में (2022-23)

Manjil Shayari In Hindi | मंजिल शायरी हिंदी में

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Manjil Shayari मंजिल शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Manjil Shayari
कोई मंजिल आखिरी मंजिल नहीं होती फुजैल
जिंदगी भी है मिसाल ए मौज ए दरिया राह रौ

न मंजिल हूँ न मंजिल आश्ना हूँ
मिसाल ए बर्ग उड़ता फिर रहा हूँ

हकीकी इश्क की इश्क ए मजाजी पहली मंजिल है
चलो सू ए खुदा ऐ जाहिदों कू ए बुताँ हो कर

Manjil Shayari मंजिल शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

शबाब ए हुस्न है बर्क ओ शरर की मंजिल है
ये आजमाइश ए कल्ब ओ नजर की मंजिल है

Manjil Shayari मंजिल शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

सख्ती ए राह खींचिए मंजिल के शौक में
आराम की तलाश में ईजा उठाइए

रह नवरदान ए वफा मंजिल पे पहुँचे इस तरह
राह में हर नक्श ए पा मेरा बनाता था चराग

शौक से शौक है कुछ मंजिल का
राहबर से भी बढ़े जाते हैं

वामाँदगान ए राह तो मंजिल पे जा पड़े
अब तू भी ऐ नजीर यहाँ से कदम तराश

फैज थी राह सर ब सर मंजिल
हम जहाँ पहुँचे कामयाब आए

जिंदगी की भी यकीनन कोई मंजिल होगी
ये सफर ही की तरह एक सफर है कि नहीं

वस्ल ओ हिज्राँ दो जो मंजिल हैं ये राह ए इश्क में
दिल गरीब उन में खुदा जाने कहाँ मारा गया

रख कदम होश्यार हो कर इश्क की मंजिल में आह
जो हुआ इस राह में गाफिल ठिकाने लग गया

नहीं होती है राह ए इश्क में आसान मंजिल
सफर में भी तो सदियों की मसाफत चाहिए है

मंजिल तो खुश नसीबों में तक्सीम हो चुकी
कुछ खुश खयाल लोग अभी तक सफर में हैं

कई पड़ाव थे मंजिल की राह में ताबिश
मिरे नसीब में लेकिन सफर कुछ और से थे

मेरी तकदीर में मंजिल नहीं है
गुबार ए कारवाँ है और मैं हूँ

नहीं मिलती उन्हें मंजिल जिन्हें खौफ ए हवादिस है
जो मौजों से नहीं डरते नदी को पार करते हैं

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