Marna Shayari मरना शायरी हिंदी में (2022-23)

Marna Shayari In Hindi | मरना शायरी हिंदी में

* Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Marna Shayari In Hindi | मरना शायरी हिंदी में * Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Marna Shayari
बाद मरने के भी छोड़ी न रिफाकत मेरी
मेरी तुर्बत से लगी बैठी है हसरत मेरी

वो ताजा दास्ताँ हूँ मरने के बा द उन को
आएगा याद मेरा अफ्साना जिंदगी का

मरने की आरजू मुझे मुद्दत से थी जरूर
लेकिन ये काम हो नहीं सकता जिए बगैर

मरना तो लाजिम है इक दिन जी भर के अब जी तो लूँ
मरने से पहले मर जाना मेरे बस की बात नहीं

उस बेवफा पे मरने को आमादा दिल नहीं
लेकिन वफा की जिद है कि मर जाना चाहिए

सदियाँ जिन में जिंदा हों वो सच भी मरने लगते हैं
धूप आँखों तक आ जाए तो ख्वाब बिखरने लगते हैं

वो आशिक हैं कि मरने पर हमारे
करेंगे याद हम को उम्र भर आप

बा द मरने के मिरी कब्र पे आया गाफिल
याद आई मिरे ईसा को दवा मेरे बा द

गजालाँ तुम तो वाकिफ हो कहो मजनूँ के मरने की
दिवाना मर गया आखिर को वीराने पे क्या गुजरी

अभी मरने की जल्दी है इबादी
अगर जिंदा रहे तो फिर मिलेंगे

जीने भी नहीं देते मरने भी नहीं देते
क्या तुम ने मोहब्बत की हर रस्म उठा डाली

ऐ मिरे मूनिस ओ गम ख्वार मुझे मरने दे
बात अब हुक्म की तामील तक आ पहुँची है

मरने के बअ द कोई पशेमाँ हुआ तो क्या
मातम कदा जो गोर ए गरीबाँ हुआ तो क्या

इस वहम में वो दाग को मरने नहीं देते
माशूक न मिल जाए कहीं जेर ए जमीं और

वो मुझ पे मरने लगे जो है मेरे दरपय ए कत्ल
इलाही इस के सौ और इंतिकाल नहीं

हम मय कशों को डर नहीं मरने का मोहतसिब
फिरदौस में भी सुनते हैं नहर ए शराब है

मोहब्बत में नहीं है फर्क जीने और मरने का
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफिर पे दम निकले

मरने वाले फना भी पर्दा है
उठ सके गर तो ये हिजाब उठा

Read More :Aarzoo Shayari
Read More :Aashiq Shayari
Read More :Aap Shayari