Masoom Shayari मासूम शायरी हिंदी में (2022-23)

Masoom Shayari In Hindi | मासूम शायरी हिंदी में

* Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Masoom Shayari In Hindi | मासूम शायरी हिंदी में * Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Masoom Shayari
मासूम अजब है हाल ए चमन हर शोले का यहाँ बदला है चलन
शाखों को जलाया जाता है ताइर को सताया जाता है

मासूम है मासूम बहुत अम्न की देवी
कब्जे में लिए खंजर ए खूँ खार अभी तक

पर्वाज में था अम्न का मासूम परिंदा
सुनते हैं कि बे चारा शजर तक नहीं पहुँचा

मिरे दिल में कोई मासूम बच्चा
किसी से आज तक रूठा हुआ है

मासूम नजर का भोला पन ललचा के लुभाना क्या जाने
दिल आप निशाना बनता है वो तीर चलाना क्या जाने

वो तअल्लुक भी था कितना मासूम
हम ने पैदा जो खताओं से किया

जो उन मासूम आँखों ने दिए थे
वो धोके आज तक मैं खा रहा हूँ

मिरे दिल के किसी कोने में इक मासूम सा बच्चा
बड़ों की देख कर दुनिया बड़ा होने से डरता है

मेरी कोशिश तो यही है कि ये मा सूम रहे
और दिल है कि समझदार हुआ जाता है

कौन कहे मा सूम हमारा बचपन था
खेल में भी तो आधा आधा आँगन था

जबाँ बंदी के मौसम में गली कूचों की मत पूछो
परिंदों के चहकने से शजर आबाद होते हैं

ये सर्दियों का उदास मौसम कि धड़कनें बर्फ हो गई हैं
जब उन की यख बस्तगी परखना तमाजतें भी शुमार करना

कोई मौसम भी सजा वार ए मोहब्बत नहीं अब
जर्द पत्तों को हवाओं से शिकायत नहीं अब

एक मौसम की कसक है दिल में दफ्न
मीठा मीठा दर्द सा है मुस्तकिल

रात अजब आसेब जदा सा मौसम था
अपना होना और न होना मुबहम था

गुजर ही जाएँगे तेरे फिराक के मौसम
हर इंतिजार के आगे भी हैं मकाम कई

Read More :Tamanna Shayari
Read More :Tanha Shayari
Read More :Sathi Shayari