Milna Shayari मिलना शायरी हिंदी में (2022-23)

Milna Shayari In Hindi | मिलना शायरी हिंदी में

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Milna Shayari
दुनिया की इक रीत पुरानी, मिलना और बिछड़ना है
एक जमाना बीत गया है तुम कब मिलने आओगे

इस कदर बस कि रोज मिलने से
खातिरों में गुबार आवे है

कद्र दाँ कोई सितम का नहीं मिलने वाला
उम्र भर याद करेगा सितम ईजाद मुझे

रूह को रूह से मिलने नहीं देता है बदन
खैर ये बीच की दीवार गिरा चाहती है

उस से मिलने की खुशी ब अद में दुख देती है
जश्न के ब अद का सन्नाटा बहुत खलता है

गए थे मिलने को शायद झिड़क दिया उस ने
मियाँ नजीर तो कुछ शर्मसार आते हैं

तुझ से मिलने को बे करार था दिल
तुझ से मिल कर भी बे करार रहा

क्यूँ वो मिलने से गुरेजाँ इस कदर होने लगे
मेरे उन के दरमियाँ दीवार रख जाता है कौन

ख्वाहिशें ख्वाब दिखाती हैं तिरे मिलने का
ख्वाब से कह दे कि ता बीर की सूरत आए

सीख दुनिया ही में जाहिद हूर से मिलने के ढंग
वर्ना रोएगा कि जन्नत में भी रुस्वाई हुई

नहीं जी चाहता मिलने को सुबुक वजओं से
क्या करें हम जो मिजाज अपना गिरानी माँगे

मिलने वाले से राह पैदा कर
उस से मिलने की और सूरत क्या

उम्र भर मिलने नहीं देती हैं अब तो रंजिशें
वक्त हम से रूठ जाने की अदा तक ले गया

मिरा चाक ए गिरेबाँ चाक ए दिल से मिलने वाला है
मगर ये हादसे भी बेश ओ कम होते ही रहते हैं

कफ ए अफ्सोस मलने से भला अब फाएदा क्या है
दिल ए राहत तलब क्यूँ हम न कहते थे ये दुनिया है

दिल में भरी है खाक में मिलने की आरजू
खाकिस्तरी हुआ है हमारी कबा का रंग

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