Musibat Shayari मुसीबत शायरी हिंदी में (2022-23)

Musibat Shayari In Hindi | मुसीबत शायरी हिंदी में

* Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Musibat Shayari In Hindi | मुसीबत शायरी हिंदी में * Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Musibat Shayari मुसीबत शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Musibat Shayari
है मुसीबत में गिरफ्तार मुसीबत मेरी
जो भी मुश्किल है वो मेरे लिए आसानी है

गम ए इश्क ही ने काटी गम ए इश्क की मुसीबत
इसी मौज ने डुबोया इसी मौज ने उभारा

मुसीबत और लम्बी जिंदगानी
बुजुर्गों की दुआ ने मार डाला

Musibat Shayari मुसीबत शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

क्या मुसीबत है कि जिस दिन से छुटी मय नोशी
दिल जलाने के लिए रोज घटा आती है

Musibat Shayari मुसीबत शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

पा रहा है दिल मुसीबत के मजे
आए लब पर शिकवा ए बेदाद क्या

हर मुसीबत से गुजर जाता हूँ हँसता खेलता
उन के दर से पेश आती ही नहीं मुश्किल मुझे

कटा था रोज ए मुसीबत खुदा खुदा कर के
ये रात आई कि सर पे मिरे अजाब आया

वतन की फिक्र कर नादाँ मुसीबत आने वाली है
तिरी बर्बादियों के मशवरे हैं आसमानों में

अजिय्यत मुसीबत मलामत बलाएँ
तिरे इश्क में हम ने क्या क्या न देखा

मुसीबत का पहाड़ आखिर किसी दिन कट ही जाएगा
मुझे सर मार कर तेशे से मर जाना नहीं आता

मिरे लिए हैं मुसीबत ये आइना खाने
यहाँ जमीर मिरा बे नकाब रहता है

लज्जत कभी थी अब तो मुसीबत सी हो गई
मुझ को गुनाह करने की आदत सी हो गई

हर मुसीबत का दिया एक तबस्सुम से जवाब
इस तरह गर्दिश ए दौराँ को रुलाया मैं ने

गर मुसीबत थी तो गुर्बत में उठा लेता असद
मेरी दिल्ली ही में होनी थी ये ख्वारी हाए हाए

छा गई एक मुसीबत की घटा चार तरफ
खुले बालों जो वो दरिया से नहा कर निकले

मुसीबत में आँखें खुलीं अब तो देखा
छुपाते हैं मुँह मेहरबाँ कैसे कैसे

खमोशी से मुसीबत और भी संगीन होती है
तड़प ऐ दिल तड़पने से जरा तस्कीन होती है

Read Also:Faraz Shayari 
Read Also:Niyat Shayari 
Read Also:Fasle Shayari