Naseehat Shayari नसीहत शायरी हिंदी में (2022-23)

Naseehat Shayari In Hindi | नसीहत शायरी हिंदी में

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Naseehat Shayari नसीहत शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Naseehat Shayari

फाएदा क्या है नसीहत से फिरे हो नासेह
हम समझने के नहीं लाख तू समझाए हमें

मेरी ही जान के दुश्मन हैं नसीहत वाले
मुझ को समझाते हैं उन को नहीं समझाते हैं

Naseehat Shayari नसीहत शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

नहीं बख्शी है कैफिय्यत नसीहत खुश्क जाहिद की
जला देव आतिश ए सहबा सीं इस कड़बी के पोले कूँ

Naseehat Shayari नसीहत शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

कल थके हारे परिंदों ने नसीहत की मुझे
शाम ढल जाए तो मोहसिन तुम भी घर जाया करो

मुझी को वाइजा पंद ओ नसीहत
कभी उस को भी समझाया तो होता

नासेहा मत कर नसीहत दिल मिरा घबराए है
मैं उसे समझूँ हूँ कब जो तुझ से समझा जाए है

आते हैं अयादत को तो करते हैं नसीहत
अहबाब से गम ख्वार हुआ भी नहीं जाता

किया करते हो तुम नासेह नसीहत रात दिन मुझ को
उसे भी एक दिन कुछ जा के समझाते तो क्या होता

नासेह तुझे आते नहीं आदाब ए नसीहत
हर लफ्ज तिरा दिल में चुभन छोड़ रहा है

न मानूँगा नसीहत पर न सुनता मैं तो क्या करता
कि हर हर बात में नासेह तुम्हारा नाम लेता था

अहल ए नसीहत जितने हैं हाँ उन को समझा दें ये लोग
मैं तो हूँ समझा समझाया मुझ को क्या समझाते हैं

फीकी है तेरी नसीहत साथ मेरे गुल मचा
शोर से नासेह नमक आ जाएगा तकरीर में

मिरा जमीर बहुत है मुझे सजा के लिए
तू दोस्त है तो नसीहत न कर खुदा के लिए

आप की जिद ने मुझे और पिलाई हजरत
शैख जी इतनी नसीहत भी बुरी होती है

मैं जो कहता हूँ मुझ से दूर रहो
ये नसीहत है इल्तिमास नहीं

होती है दूसरों को हमेशा ये नागवार
अपने सिवा किसी को नसीहत न कीजिए

मय से गरज नशात है किस रू सियाह को
इक गूना बे खुदी मुझे दिन रात चाहिए

रुक गया आ के जहाँ काफिला ए रंग ओ नशात
कुछ कदम आगे जरा बढ़ के मकाँ है मेरा

नशात ए हुस्न हो जोश ए वफा हो या गम ए इश्क
हमारे दिल में जो आए वो आरजू हो जाए

चंद कलियाँ नशात की चुन कर मुद्दतों महव ए यास रहता हूँ
तेरा मिलना खुशी की बात सही तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ

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