Rahat Shayari राहत शायरी (2022-23)

Rahat Shayari In Hindi | राहत शायरी हिंदी में

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Rahat Shayari राहत शायरी (2022-23) In Hindi

Rahat Shayari
बा द तकलीफ के राहत है यकीनी वाहिद
रात का आना ही पैगाम ए सहर होता है

राहत की जुस्तुजू में खुशी की तलाश में
गम पालती है उम्र ए गुरेजाँ नए नए

राहत मैं दिल के हाथों न पाऊँगा एक दम
जब तक कि मेरे साथ ये खाना खराब है

Rahat Shayari राहत शायरी (2022-23) हिंदी में

कब्र में राहत से सोए थे न था महशर का खौफ
बाज आए ऐ मसीहा हम तिरे एजाज से

Rahat Shayari राहत शायरी (2022-23) 2 line

मैं आइना था छुपाता किसी को क्या राहत
वो देखता मुझे जब भी खफा तो होना था

कब तालिब ए राहत हुए जख्मी ए मोहब्बत
मरहम की जो हाजत हुई तेजाब बनाया

राहत के वास्ते है मुझे आरजू ए मर्ग
ऐ जौक गर जो चैन न आया कजा के बाद

लुत्फ ओ राहत की हवस है तो किसी शहर को जा
ये करम दश्त के आदाब नहीं कर सकते

दिहात के वजूद को कस्बा निगल गया
कस्बे का जिस्म शहर की बुनियाद खा गई

नाम होंटों पे तिरा आए तो राहत सी मिले
तू तसल्ली है दिलासा है दुआ है क्या है

दिल की शगुफ्तगी के साथ राहत ए मय कदा गई
फुर्सत ए मय कशी तो है हसरत ए मय कशी नहीं

राहत ए बे खलिश अगर मिल भी गई तो क्या मजा
तल्खी ए गम भी चाहिए बादा ए खुश गवार में

न वो आएँ कि राहत हो न मौत आए कि फुर्सत हो
पड़ा है दिल कशाकश में न गम निकले न दम निकले

तेरे आते ही देख राहत ए जाँ
चैन है सब्र है करार है आज

देहात के बसने वाले तो इख्लास के पैकर होते हैं
ऐ काश नई तहजीब की रौ शहरों से न आती गाँव में

राहत ओ ऐश ओ तरब सब हैं तुम्हारे दम से
तुम मिरे घर में न आओ तो न आए कोई

दोस्ती जब किसी से की जाए
दुश्मनों की भी राय ली जाए

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