Sagar Shayari सागर शायरी हिंदी में (2022-23)

Sagar Shayari In Hindi | सागर शायरी हिंदी में

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Sagar Shayari सागर शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Sagar Shayari
हम बनाएँगे यहाँ सागर नई तस्वीर ए शौक
हम तखय्युल के मुजद्दिद हम तसव्वुर के इमाम

अब अपनी हकीकत भी सागर बे रब्त कहानी लगती है
दुनिया की हकीकत क्या कहिए कुछ याद रही कुछ भूल गए

सफीने डूब गए कितने दिल के सागर में
खुदा करे तिरी यादों की नाव चलती रहे

Sagar Shayari सागर शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

बड़ी एहतियात तलब है ये जो शराब सागर दिल में है
जो छलक गई तो छलक गई जो भरी रही तो भरी रही

Sagar Shayari सागर शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

सहरा जंगल सागर पर्बत
इन से ही रस्ता मिलता है

हश्र में कौन गवाही मिरी देगा सागर
सब तुम्हारे ही तरफ दार नजर आते हैं

हूरों की तलब और मय ओ सागर से है नफरत
जाहिद तिरे इरफान से कुछ भूल हुई है

आँख तुम्हारी मस्त भी है और मस्ती का पैमाना भी
एक छलकते सागर में मय भी है मय खाना भी

मौत कहते हैं जिस को ऐ सागर
जिंदगी की कोई कड़ी होगी

शोहरत की फजाओं में इतना न उड़ो सागर
परवाज न खो जाए इन ऊँची उड़ानों में

यही सहबा यही सागर यही पैमाना है
चश्म ए साकी है कि मय खाने का मय खाना है

आओ इक सज्दा करूँ आलम ए बद सम्ती में
लोग कहते हैं कि सागर को खुदा याद नहीं

उस ने हमारे जख्म का कुछ यूँ किया इलाज
मरहम भी गर लगाया तो काँटों की नोक से

असगर गजल में चाहिए वो मौज ए जिंदगी
जो हुस्न है बुतों में जो मस्ती शराब में

माइल ए ओ गजल फिर है तबीअत असगर
अभी कुछ और मुकद्दर में है रुस्वा होना

असगर से मिले लेकिन असगर को नहीं देखा
अशआ र में सुनते हैं कुछ कुछ वो नुमायाँ है

वही साकी वही सागर वही शीशा वही बादा
मगर लाजिम नहीं हर एक पर यकसाँ असर होना

रिंद जो जर्फ उठा लें वही सागर बन जाए
जिस जगह बैठ के पी लें वही मय खाना बने

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