Sahara Shayari सहारा शायरी हिंदी में (2022-23)

Sahara Shayari In Hindi | सहारा शायरी हिंदी में

* Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.Sahara Shayari In Hindi | सहारा शायरी हिंदी में * Shayari In Hindi (* हिंदी में) सम्बंधित हर शायरी पोस्ट के अन्दर है.

Sahara Shayari सहारा शायरी हिंदी में (2022-23) In Hindi

Sahara Shayari

अजब की साहिरी उस मन हरन की चश्म ए फत्ताँ ने
दिया काजल सियाही ले के आँखों से गजालाँ की

सहर ए अजल को जो दी गई वही आज तक है मुसाफिरी
ऐ तय करें तो पता चले कहाँ कौन किस की तलब में है

Sahara Shayari सहारा शायरी हिंदी में (2022-23) हिंदी में

शैख साहिब की नमाज ए सहरी को है सलाम
हुस्न ए निय्यत से मुसल्ले पे वजू टूट गया

Sahara Shayari सहारा शायरी हिंदी में (2022-23) 2 line

पिला साकिया मय ए जाँ पिला कि मैं लाऊँ फिर खबर ए जुनूँ
ये खिरद की रात छटे कहीं नजर आए फिर सहर ए जुनूँ

मक्सद ए जीस्त गम ए इश्क है सहरा हो कि शहर
बैठ जाएँगे जहाँ चाहो बिठा दो हम को

फरीद इक दिन सहारे जिंदगी के टूट जाएँगे
सबब ये है कि खुद को बे सहारा कर रहा हूँ मैं

खिदमत ए गश्त बगूलों को तो दी सहरा में
मैं भी बर्बाद हूँ मुझ को भी कोई काम बता

सैलाब ए जिंदगी के सहारे बढ़े चलो
साहिल पे रहने वालों का नाम ओ निशाँ नहीं

जुलेखा के वकार ए इश्क को सहरा से क्या निस्बत
जो खुद खींच कर न आ जाए उसे मंजिल नहीं कहते

सहारा न देती अगर मौज ए तूफाँ
डुबो ही दिया था हमें ना खुदा ने

मैं सहरा जा के कब्र ए हजरत ए मजनूँ को देखा था
जियारत करते थे आहू बगूला तौफ करता था

ख्वाब मुट्ठी में लिए फिरते हैं सहरा सहरा
हम वही लोग हैं जो धूप के पर काटते हैं

हैं उक्दा कुशा ये खार ए सहरा
कम कर गिला ए बरहना पाई

Read Also:Pareshani Shayari 
Read Also:Nigahen Shayari 
Read Also:Umar Shayari