Sajda Shayari | 218+ सज़दा शायरी

Sajda Shayari 👍  Sajda Shayari

3 Reasons Why Facebook Is The Worst Option For Sajda Shayari. Sajda Shayari Ethics. Need More Inspiration With Sajda Shayari? Read this!.

What Do You Want Sajda Shayari To Become?. Must Have List Of Sajda Shayari Networks. Finding Customers With Sajda Shayari (Part A,B,C … ).

Sajda Shayari

Sajda Shayari in Hindi – सजदा शायरी इन हिंदी

Sajda Shayari   Sajda Shayari
Sajda Shayari in Hindi – सजदा शायरी इन हिंदी

वो सज़दा ही क्या,
जिसमें सर उठाने का होश रहे,
इज़हारे इश्क का मजा तो तब है,
जब मैं खामोंश और तू बैचेन रहे।

 

जिन आंखों को सजदों में रोने की आदत हो,
वो आंखें कभी अपने मुकद्दर पर रोया नहीं करते।

 

कबूल ए जुर्म करते है सजदे में गिर कर,
सजा ए मौत मंजूर है, पर मोहब्बत अब नही।

 

क्या हुआ जो तेरे माथे पे है सजदों के निशान इकबाल,
कोई ऐसा सजदा भी कर जो जमीं पर निशान छोड़ दे।

 

मेरी इबादतों को ऐसे कर कबूल ऐ मेरे खुदा,
के सजदे में मैं झुकूं तो,
मुझसे जुड़े हर रिश्ते की जिंदगी संवर जाए।

 

जहाँ सजदे को मन आया वहीं कर लिया,
न कोई संगे-दर अपना न कोई आस्तां अपन।

 

दुनिया कुछ देरी से सजदा करती है,
जोगी पहले दिन से जोगी होता हैं।

 

कोई जन्नत का तालिब, है कोई गम से परेशां,
गरज सजदा कराती है, इबादत कौन करता है।

 

तेरे पास में बैठना भी इबादत,
तुझे दूर से देखना भी इबादत,
न माला, न मंतर, न पूजा, न सजदा,
तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत।

 

करो दिल से सजदा तो इबादत बनेगी,
मां-बाप की सेवा अमानत बनेगी,
खुलेगा जब तुम्हारी गुनाहों का खाता,
तो मां-बाप की सेवा अमानत बनेगी।

 

वो वक्त गुजर गया जब मुझे तेरी आरजू थी,
अब तू खुदा भी बन जाए तो मैं सजदा ना करूं।

 

वो सजदा ही क्या,
जिसमे सर उठाने का होश रहे,
इज़हारे इश्क़ का मज़ा तो तब है,
जब मैं बेचैन रहूं और वो खामोश रहे।