समझदार शायरी – Samajhdar Shayari in Hindi

Samajhdar Shayari

मेरी कोशिश तो यही है कि ये मासूम रहे
और दिल है कि समझदार हुआ जाता है !

रात भर ख़्वाब में जलना भी इक बीमारी है
इश्क़ की आग से बचने में समझदारी है !